धान की फसल पर मंडराया तेज हवा का खतरा, बक्सर येलो जोन में; 6-7 अक्टूबर को ऐसा रहेगा मौसम
बक्सर में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

बक्सर में बदलेगा मौसम का मिजाज। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
6-7 अक्टूबर को बक्सर में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं संभव।
30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा; जिला येलो श्रेणी में।
किसानों को धान की फसल और सुरक्षा हेतु सावधानी बरतने की सलाह।
जागरण संवाददाता, बक्सर। 28 सितंबर से हथिया नक्षत्र (हस्त नक्षत्र) आरंभ है। इस नक्षत्र में होने वाली हल्की वर्षा को किसान शुभ मानते हैं। बशर्ते हवा गतिमान न रहे अन्यथा, धान फसल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
मौसम विज्ञान विभाग केंद्र, पटना से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 6 एवं 7 अक्टूबर को जिला समेत राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में मौसम के बदलते मिजाज के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है।
तेज हवा चलने का भी पूर्वानुमान
पूर्वानुमान मानचित्र में बक्सर को येलो श्रेणी में रखा गया है। इस दौरान आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है तथा करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने के संकेत हैं।
शुक्रवार को भी धूप कमजोर रही। अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञानी डाॅ. देवकरण का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
किसानों को विशेष सावधानी की सलाह
विशेषकर, किसानों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के आसपास जाने से बचना उचित होगा।
गौरतलब है कि छह अक्टूबर के पूर्वानुमान में भी जिले को येलो श्रेणी में शामिल किया गया है। वहीं, सात अक्टूबर को भी जिले में मौसम को लेकर सतर्कता बरतने का संकेत दिया गया है। स्था
नीय स्तर पर मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर इसका असर कृषि के साथ-साथ तापमान और जनजीवन पर भी पड़ सकता है।
