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बक्सर गोलंबर की दीवार पर दिखेगी रामायण की झलक, लेकिन धार्मिक पेंटिंग को लेकर उठी ये चिंता

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:19 AM (IST)

बक्सर गोलंबर की बाहरी दीवार पर रामायण और शहर के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग बनाई जाएगी, जिसका उद्देश्य आगंतुकों को बक्सर की सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराना है।

बक्‍सर गोलंबर पार्क की चारदीवारी पर बनेगी पेंटिंग। जागरण

बक्‍सर गोलंबर पार्क की चारदीवारी पर बनेगी पेंटिंग। जागरण

जागरण संवाददाता, बक्सर। पटना-बक्सर एनएच 922 पर स्थित स्थानीय गोलंबर के पार्क की बाहरी चारदीवारी पर रामायण और बक्सर के गौरवशाली धार्मिक, पौराणिक इतिहास को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग बनाई जाएगी।

बाहर से आने वाले लोगों के लिए यह पेंटिंग बक्सर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से परिचय कराने के साथ शहर में प्रवेश पर स्वागत का संदेश भी देगी। डीएम साहिला के निर्देश पर नगर परिषद ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

पहले बनी पेंटिंग को मिटाकर नए चित्र बनवाने में जुटा है नगर परिषद

बक्सर गोलंबर पटना-बक्सर एनएच-922, गाजीपुर-बलिया एनएच-31, गाजीपुर-बलिया एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों से जुड़ा है।

बिहार की राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के बड़े हिस्से से लोग इसी मार्ग से लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों की ओर जाते हैं।

जिला मुख्यालय के पूर्वी प्रवेश द्वार पर आगंतुकों का होगा खास स्वागत

वहीं, दक्षिणी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों और मध्य प्रदेश से पटना आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। ऐसे में गोलंबर की दीवार पर बक्सर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को उकेरने की पहल को शहर की पहचान को बाहर से आने वाले लोगों तक पहुंचाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

नगर परिषद के लिए काम करने वाली कलाकारों की टीम इससे पहले रामरेखा घाट, कलेक्ट्रेट तालाब, लाइट एंड साउंड और रामेश्वर नाथ मंदिर की दीवारों पर बक्सर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को दर्शाती आकर्षक पेंटिंग बना चुकी है। अब इसी क्रम में गोलंबर की दीवार को भी बक्सर की विरासत से जोड़ने की तैयारी है।

चौराहे पर धार्मिक चित्रों को लेकर उठी चिंता

हालांकि, गोलंबर की जिस दीवार पर पेंटिंग बनाने की तैयारी है, उसे लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह दीवार हाइवे से सटी है और यहां 24 घंटे विभिन्न इलाकों से आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही रहती है।

दीवार की ऊंचाई भी महज करीब तीन फीट है। ऐसे में कई बार लोग इसके किनारे पेशाब कर देते हैं या थूक देते हैं। स्थानीय लोगों की चिंता है कि ऐसी स्थिति में दीवार पर देवी-देवताओं या धार्मिक प्रसंगों की पेंटिंग बनाना उचित नहीं होगा।

लोगों का कहना है कि यदि गोलंबर के माध्यम से बक्सर की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को प्रदर्शित करना है, तो इसके लिए पहले उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। गौरतलब है कि गोलंबर पार्क की दीवार पर पहले से भी पेंटिंग बनी हुई है।