बिहार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जल्द मिलेगी 4 लेन कनेक्टिविटी, 617.89 करोड़ के प्रोजेक्ट की ये है पूरी टाइमलाइन
बक्सर स्पर के माध्यम से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बिहार का सीधा संपर्क अब निर्माण के अंतिम चरण में है, जिसकी लागत 617.89 करोड़ रुपये है।

बक्सर स्पर योजना के तहत बनकर तैयार चार लेन का एक्सप्रेसवे। जागरण
HighLights
बक्सर स्पर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बिहार को सीधे जोड़ेगा।
617.89 करोड़ की परियोजना दिसंबर तक शुरू होने का लक्ष्य।
आजमगढ़, अयोध्या, लखनऊ, दिल्ली की यात्रा का समय घटेगा।
शुभ नारायण पाठक, बक्सर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बिहार के सीधे संपर्क की योजना अब निर्माण के अंतिम दौर में पहुंचती दिख रही है।
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड कारिडोर के पैकेज-1 के 34 किमी हिस्से पर बीते एक अक्टूबर से ट्रायल शुरू होने के बाद अब सबसे अधिक निगाह पैकेज-4 यानी 17.27 किमी लंबे बक्सर स्पर पर है।
एनएचएआई, आजमगढ़ के परियोजना निदेशक पीयूष अग्रवाल के अनुसार, दिसंबर तक बक्सर फेज को भी शुरू करने का प्रयास है।
100 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेंगे वाहन
बक्सर स्पर करीमुद्दीनपुर क्षेत्र से मुख्य ग्रीनफील्ड काॅरिडोर से जुड़कर भरौली के रास्ते बक्सर में गंगा पुल के संपर्क पथ तक पहुंचेगा।
इसकी लंबाई 17.270 किमी और परियोजना लागत करीब 617.89 करोड़ रुपए है। इस योजना को 14 जून 2025 तक ही पूरा करने का लक्ष्य था।
बक्सर स्पर में 80-85 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है। इसके पूरा होने पर 15 किलोमीटर की दूरी और करीब 45 मिनट का समय आजमगढ़, अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली जाने में बचेगा।
नियमित जाम वाले पुराने रास्ते का मिलेगा विकल्प
अभी बक्सर से गाजीपुर-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को भरौली, कुंडेसर और भांवरकोल क्षेत्र के पुराने एनएच-31 पर निर्भर रहना पड़ता है।
संकरे हिस्सों और भारी मालवाहक यातायात के कारण यहां लंबा जाम लगता रहा है। जाम गंभीर होने पर इस हिस्से से निकलने में कभी-कभार तो कई घंटे भी लग जाते हैं।
नया स्पर बनने पर बक्सर से आने वाला यातायात मुख्य ग्रीनफील्ड कारिडोर तक पहुंच सकेगा और पुराने मार्ग पर निर्भरता घटेगी। बक्सर स्पर के लिए सड़क का मुख्य हिस्सा तैयार हो चुका है।
करीमुद्दीनपुर के पास करीब 205 मीटर लंबे चार लेन आरओबी सहित पुलों के संपर्क मार्ग का काम तेजी से चल रहा है।
परियोजना की टाइमलाइन
- 2022: परियोजना के पैकेज और डीपीआर स्तर पर स्वीकृति
- 15 जून 2023: बक्सर स्पर का नियुक्ति दिवस
- 14 जून 2025: मूल पूर्णता लक्ष्य
चार पैकेज, 134 किमी का पूरा नेटवर्क
पूरी योजना में 117.12 किमी मुख्य ग्रीनफील्ड मार्ग और 17.27 किमी बक्सर स्पर शामिल हैं। चार पैकेजों में हृदयपुर-शाहपुर 42.5 किमी, शाहपुर-पिंडारी 35.65 किमी, पिंडारी-रिवीलगंज बाईपास 38.97 किमी और बक्सर स्पर 17.27 किमी है।
इसके पूरा होने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क संपर्क का नया नेटवर्क तैयार होगा। इस परियोजना के माध्यम से पश्चिमी और उत्तर बिहार का बड़ा हिस्सा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जुड़ सकेगा।
बक्सर से भोजपुर और आगे पटना की ओर आने-जाने वाले यातायात को लखनऊ-दिल्ली दिशा में नया तेज मार्ग मिलेगा, जबकि सारण क्षेत्र मुख्य कारिडोर के जरिए जुड़ेगा।
बक्सर में गंगा पर तीसरे पुल का निर्माण जारी
इस मार्ग में दूसरा बाटल नेक बक्सर में गंगा पर बना पुल है। वर्तमान में बक्सर में गंगा नदी पर दो पुल मौजूद हैं। एक 1965 में बना पुराना वीर कुंवर सिंह सेतु, जो जर्जर होने के कारण केवल हल्के वाहनों के लिए सीमित है, और दूसरा 2022-23 में चालू हुआ 2-लेन पुल।
बिहार और यूपी दोनों तरफ पुल पर ही वाहनों को रोककर जांच की व्यवस्था के कारण इस पुल पर लगातार जाम लगता है।
इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए एनएचएआई, पटना द्वारा करीब 3.2 किमी लंबा तीन लेन का एक और पुल और एलिवेटेड एप्रोच बनाया जा रहा है।
सितंबर 2025 से शुरू हुई इस परियोजना में अब तक करीब 30 प्रतिशत काम हो चुका है। इसे फरवरी 2028 तय पूरा करने का लक्ष्य है।
