विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बक्सर छात्रा दुष्कर्म मामला: पुलिस नहीं पेश कर पाई सबूत, गिरफ्तार हेडमास्टर को मिली जमानत

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:49 PM (IST)

बक्सर के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में पूर्व छात्रा से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को पुलिस ...और पढ़ें

बक्सर छात्रा दुष्कर्म मामला: पुलिस नहीं पेश कर पाई सबूत, गिरफ्तार हेडमास्टर को मिली जमानत

बक्सर छात्रा दुष्कर्म मामला: पुलिस नहीं पेश कर पाई सबूत, गिरफ्तार हेडमास्टर को मिली जमानत

HighLights

  1. प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को मिली जमानत।

  2. पुलिस सबूत पेश करने में रही विफल, कोर्ट का फैसला।

  3. मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद, वीरेंद्र बर्खास्त, हिरासत में।

जागरण संवाददाता, बक्सर। जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में एक विद्यालय की पूर्व छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को बुधवार को कोर्ट ने जमानत दे दी। पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत पेश नहीं करने के कारण पॉक्सो विशेष कोर्ट ने यह फैसला लिया।

मामले में प्रमुख आरोपित दो शिक्षकों को राहत नहीं मिली है। इस मामले में शिक्षक अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को सेवा से भी बर्खास्त किया जा चुका है।

इस मामले के सामने आने से पहले प्रधानाध्यापक को उनके बेहतर कार्य की बदौलत राज्य स्तर पर राजकीय पुरस्कार के लिए चुना गया था, लेकिन मामले में नाम आने और गिरफ्तारी होने के बाद उन्हें पुरस्कार से वंचित कर दिया गया।

यह मामला तब सामने आया, जब छात्रा से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय में हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने शिक्षकों के मोबाइल फोन की जांच की। छात्रा की मां की शिकायत पर कृष्णाब्रह्म थाने में प्राथमिकी हुई। शिक्षा विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

मुख्य आरोपित मौके से फरार हो गए थे, जबकि घटना की जानकारी रखते हुए इसे छिपाने के आरोप में प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया गया था।

प्राथमिकी के अनुसार जनवरी 2026 में शिक्षक अरविंद कुमार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाया। बाद में यह वीडियो शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद को दिखाए जाने पर वह भी छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा। शिकायत में होटल में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप भी है।

मामले में पॉक्सो और आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपित अरविंद कुमार और वीरेंद्र पाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अरविंद कुमार को रिमांड पर पूछताछ भी की जा चुकी है। पुलिस के पास मौजूद मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं।

मोबाइल की फोरेंसिक जांच चल रही है। आरोपितों के बीच बातचीत और संपर्क की तकनीकी पड़ताल तथा संबंधित स्थानों पर जांच भी आगे बढ़ाई गई है।

यह भी पढ़ें- बक्सर के नितिन यादव किडनैपिंग केस में खुलासा: बिहार-UP बॉर्डर पर 4 टुकड़ों में मिला शव, साइको किलर अरेस्ट