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बक्सर में मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालकों के लिए बनी सहारा, 1962 पर कॉल करने से तुरंत मिल रहा इलाज

Published: Sat, 11 Apr 2026 12:18 PM (IST)

बक्सर के चौगाईं प्रखंड में मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। मसर्हियां गांव में एक ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, चौगाईं (बक्सर)। स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में मोबाइल वेटनरी यूनिट पशुपालकों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनती जा रही है। समय पर इलाज मिलने से जहां मवेशियों की जान बच रही है, वहीं पशुपालकों का भरोसा भी मजबूत हो रहा है।

मसर्हियां गांव निवासी पशुपालक अरविंद कुमार सिंह की करीब 50 हजार रुपये मूल्य की गाय अचानक गंभीर रूप से बीमार होकर जमीन पर गिर पड़ी। हालत इतनी नाजुक थी कि परिवार के लोगों ने उसके जीवित बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। इसी बीच किसी ग्रामीण के सुझाव पर पशुपालक ने टोल फ्री नंबर 1962 पर मोबाइल वेटनरी यूनिट को सूचना दी।

सूचना मिलते ही डॉ. अरविंद कुमार यादव, कम्पाउंडर अनिल कुमार व कर्मी अजीत कुमार की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल उपचार शुरू किया। लगातार एक सप्ताह तक चले समुचित इलाज के बाद गाय पूरी तरह स्वस्थ हो गई। गाय के ठीक होते ही परिवार के चेहरे पर खुशी लौट आई।

इसी प्रकार मसर्हियां के ही अन्य पशुपालक अरविंद कुमार, बैदा गांव की मीरा देवी, बसंतपुर के सुखारी चौधरी तथा पांडेयपुर के आशुतोष कुमार के मवेशियों की तबीयत खराब होने पर भी टीम ने त्वरित पहुंचकर इलाज किया, जिससे सभी पशु स्वस्थ हो सके।

यूनिट के चिकित्सक ने बताया कि मोबाइल वेटनरी यूनिट में 48 प्रकार की आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। जिले के सभी प्रखंडों में इस सेवा के सक्रिय होने से अब पशुपालकों को भटकना नहीं पड़ता और समय पर उपचार मिल रहा है।

पशुपालकों ने बताया कि यह यूनिट उनके पशुओं के लिए किसी जीवनदायिनी से कम नहीं है, जो समय पर पहुंचकर बेजुबान पशुओं को नया जीवन देने का काम कर रही है।

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