बक्सर: मोटर जली और शौचालय हुआ जाम तो बंद करना पड़ा GNM कॉलेज, 143 छात्राओं को भेजा घर
बक्सर के राजकीय जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में पानी की मोटर खराब होने और शौचालय जाम होने के कारण शिक्षण-प्रशिक्षण ठप हो गया है।

143 छात्राओं को भेजा घर (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
बक्सर GNM कॉलेज पानी-शौचालय समस्या के कारण बंद।
143 छात्राओं को घर भेजा गया, शिक्षण ठप।
फंड की कमी से मरम्मत में देरी, अब काम पूरा।
जागरण संवाददाता, बक्सर। पुराना सदर अस्पताल परिसर स्थित राजकीय जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में बीते 18 अगस्त से शिक्षण-प्रशिक्षण पूरी तरह ठप है। कारण दिलचस्प है, परिसर में पानी की मोटर खराब हो गई है, साथ ही शौचालय की टंकी जाम हो गई है।
संस्थान के पास इतना पैसा नहीं था कि तत्काल इसे ठीक करा सके। इसलिए स्कूल को बंद करते हुए यहां पढ़ने वाली 143 छात्राओं को घर जाने के लिए कह दिया गया। यह आवासीय शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान है।
इससे भी दिलचस्प बात यह है कि बीच की अवधि में 25 अगस्त को विद्यार्थी सहयोग शिविर के लिए छात्राओं को यहां बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्हें फिर छुट्टी दे दी गई। इसके बाद से छात्राएं अपने घर पर ही हैं।
मोटर जलने के कारण करीब एक सप्ताह से छुट्टी
मामला इतने से ही नहीं रुका, ठीक बगल में स्थित सरकारी पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट (पीएमआइ) के 40 बच्चाें को भी पानी की मोटर जलने के कारण करीब एक सप्ताह से छुट्टी दे दी गई है।
परिसर में शौचालय की समस्या पहले से ही थी। इसके चलते परेशानी हो रही थी। पानी की मोटर जल जाने के बाद कोई विकल्प ही नहीं बचा। संस्थान के प्राचार्य मो. आफताब आलम इद्रीश ने बताया कि आकस्मिक स्थिति में छात्राओं को अवकाश देना पड़ा।
पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में छात्राओं को विद्यालय में रखना उचित नहीं था। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना सिविल सर्जन सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई थी। 25 अगस्त को विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचीं उप विकास आयुक्त निहारिका छवि से भी समस्या के संबंध में बात की गई थी।
फंड के लिए पटना तक करना पड़ा पत्राचार
प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय के पास तत्काल मरम्मत कराने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी। यह स्कूल स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित होता है। इसके लिए फंड की मांग को लेकर पटना स्थित विभागीय मुख्यालय तक पत्राचार किया गया। डुमरांव आए बीएमएसआइसीएल के प्रबंधक से भी समस्या को लेकर बातचीत की गई। इसके बाद मरम्मत का काम शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में विलंब का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
शौचालय की टंकी और नाली की सफाई हो चुकी है। सबमर्सिबल का काम भी लगभग पूरा हो गया है। एक-दो दिन में काम पूरा होने के बाद छात्राओं को वापस बुला लिया जाएगा। - मो. आफताब आलम इद्रीश, प्राचार्य
