Bihar Weather Update: बक्सर में टूटा 3 साल का रिकॉर्ड, अगले 2 दिन और बरसेंगे बदरा
बक्सर जिले में सितंबर के अंतिम दिनों में हुई वर्षा से पिछले तीन साल का रिकॉर्ड टूट गया है, जहां ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बक्सर में सितंबर वर्षा ने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
जिले में 26 सितंबर तक 234.04 मिमी औसत वर्षा दर्ज।
अगले दो दिन बादल छाए रहेंगे, धान किसानों को लाभ।
जागरण संवाददाता, बक्सर। जिले में सितंबर के अंतिम दिनों में हुई वर्षा से वर्षापात के आंकड़े में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले तीन साल में इस महीने सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अभी दो दिन और आसमान में बादल दिखेंगे। उसके बाद मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।
इधर, जिला कृषि कार्यालय की वर्षापात रिपोर्ट के अनुसार, 26 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 234.04 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
यह सितंबर के सामान्य वर्षापात 200.2 मिलीमीटर की तुलना में 34.89% अधिक है। बीते तीन दिनों में बरसे मेघ ने जिले के वर्षा के आंकड़े को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रखंडवार रिपोर्ट में जिले के विभिन्न प्रखंडों में वर्षा की मात्रा में अंतर सामने आया है, जिसमें केसठ में सबसे अधिक 325 मिलीमीटर, जबकि डुमरांव में सबसे कम 154.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक राजपुर में 284.4 मिमी., चौगाईं में 272.8 मिमी., ब्रह्मपुर में 251 मिमी., नावानगर में 233.4 मिमी., बक्सर में 217.2 मिमी., चौसा में 214 मिमी., सिमरी में 213.8 मिमी., इटाढ़ी में 209.8 मिमी. तथा चक्की में 198.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
जिले में सभी प्रखंडों को मिलाकर औसत वर्षापात 234.04 मिलीमीटर रहा। हालांकि, माह के शेष दिनों में होने वाली वर्षा के बाद सितंबर का अंतिम वर्षापात आंकड़ा स्पष्ट होगा।
सितंबर में तीन साल बाद अधिक वर्षापात
जिला कृषि कार्यालय से जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन साल में सितंबर में सर्वाधिक वर्षा हुई दर्ज की गई है, जबकि महीने के चार दिन शेष हैं। सितंबर 2023 में औसत वर्षा 165.85 मिमी. 2024 में 110.73 मिमी., 2025 में औसत वर्षा 146.93 मिलीमीटर दर्ज की गई थी।
मानसून के पिछले तीन माह में कम वर्षा
इस बार मानसून सीजन में पिछले तीन महीने सामान्य वर्षापात के आंकड़े से कम वर्षा हुई। जून में 45% कम, जुलाई में 16.29% कम एवं अगस्त में 32.57% कम वर्षा दर्ज की गई। लेकिन सितंबर की वर्षा ने धान फसल के खेतिहरों को खुश किया है।
