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बिहार में प्रशिक्षण से छूटे शिक्षकों को बड़ा मौका; 1 जून से फिर शुरू होगी ट्रेनिंग, SCERT ने जारी किया आदेश

Published: Sat, 30 May 2026 01:05 PM (IST)

एससीईआरटी बिहार ने उन शिक्षकों को एक और अवसर दिया है जो विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं ...और पढ़ें

प्रश‍िक्षण से वंचित श‍िक्षकों को म‍िलेगी ट्रेनिंग। सांकेत‍िक तस्‍वीर

प्रश‍िक्षण से वंचित श‍िक्षकों को म‍िलेगी ट्रेनिंग। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. एससीईआरटी ने छूटे शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण का अवसर।

  2. प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जून 2026 से होगा शुरू।

  3. प्रशासनिक, स्वास्थ्य कारणों से वंचित शिक्षकों को राहत।

संवाद सहयोगी, केसठ (बक्सर)। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न कारणों से शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है।

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने ऐसे शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक और अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वंचित शिक्षक 1 जून 2026 से शुरू होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

इस संबंध में एससीईआरटी के निदेशक सज्जन आर. ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ), जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ), डायट, सीटीई, पीटीईसी तथा बायट संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रभारी प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

कई श‍िक्षक प्रश‍िक्षण से रह गए वंचित 

जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान कई शिक्षक विभिन्न प्रशासनिक और व्यक्तिगत कारणों से प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर सके थे।

इनमें विशेष रूप से एसआईआर कार्यों में प्रतिनियुक्ति, बिहार विधानसभा चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या अवकाश पर रहने वाले शिक्षक शामिल हैं।

एससीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी शिक्षकों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ये शिक्षक 1 जून 2026 से अपने-अपने प्रशिक्षण संस्थानों में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

समय रहते तैयारियां पूरी करने का निर्देश 

परिषद ने सभी प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि प्रशिक्षण कार्य बिना किसी बाधा के नियमित रूप से संचालित हो। शिक्षा विभाग के इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो सरकारी दायित्वों या अन्य अपरिहार्य कारणों से प्रशिक्षण से वंचित रह गए थे।

अब उन्हें अपनी पेशेवर दक्षता बढ़ाने और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने का अवसर मिल सकेगा।