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₹15000 लगाएं; ₹250000 कमाएं! नारियल की खेती पर किसानों के लिए 75% सब्सिडी से बंपर इनकम का मौका

Published: Tue, 01 Sep 2026 04:34 PM (IST)

बिहार सरकार और नारियल विकास बोर्ड ने बक्सर में गंगा किनारे नारियल की खेती शुरू की है, जिसमें किसानों को 75% सब्सिडी पर पौधे मिल रहे हैं।

नारियल की खेती पर किसानों के लिए 75% सब्सिडी और बंपर कमाई का मौका (AI Generated Image)

नारियल की खेती पर किसानों के लिए 75% सब्सिडी और बंपर कमाई का मौका (AI Generated Image)

HighLights

  1. बिहार में गंगा किनारे नारियल की खेती की नई पहल।

  2. किसानों को 75% सब्सिडी पर मिल रहे नारियल के पौधे।

  3. पौधों की आपूर्ति में देरी से किसान अभी भी इंतजार में।

जागरण संवाददाता, बक्सर। नारियल का नाम सुनते ही आमतौर पर आंखों के सामने समंदर का किनारा और लहराते हुए ऊंचे पेड़ घूमने लगते हैं, लेकिन अब यह धारणा बदलने वाली है। नारियल की ऐसी आधुनिक और उन्नत प्रजातियां विकसित कर ली गई हैं, जो मैदानी इलाकों में भी बंपर पैदावार दे सकती हैं।

इसी कड़ी में बिहार सरकार के कृषि विभाग और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधीन "नारियल विकास बोर्ड" ने बक्सर जिले में गंगा के किनारे नारियल की खेती शुरू कराने की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल की है।

बिहार में नारियल का उत्पादन न के बराबर होता है, जबकि बाजार में इसकी मांग और बहुउपयोगिता तने से लेकर पत्तों तक काफी ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कम लागत में दीर्घकालिक मुनाफा देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है।

योजना के तहत सरकार द्वारा नारियल के एक पौधे की कीमत 85 रुपये तय की गई है, जिस पर 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को प्रति पौधा मात्र 21.25 रुपये ही देना होगा। किसान न्यूनतम पांच से लेकर अधिकतम 712 पौधे तक प्राप्त कर सकते हैं।

प्रति हेक्टेयर लगभग 178 पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे मात्र 15 हजार रुपये के शुरुआती खर्च से किसान सालाना करीब ढाई लाख रुपये की दीर्घकालिक आमदनी का जरिया बना सकते हैं।

केंद्र सरकार की संस्था नारियल विकास बोर्ड की ओर से इसकी खेती करने वाले किसानों के लिए दो किश्तों में 350 रुपये प्रति पौधा तक अनुदान का प्रविधान है।

नारियल के पौधे किस्म के अनुसार 4 से 8 मीटर की दूरी पर लगाए जाते हैं, जो 4 से 6 वर्षों में फल देना शुरू कर देते हैं और उचित देखभाल से एक पेड़ से साल में 100 से 150 नारियल प्राप्त किए जा सकते हैं।

किसानों के बीच योजना को लेकर उत्साह का माहौल

किसानों के इस भारी उत्साह के बीच योजना की जमीनी हकीकत कुछ अलग ही बयां कर रही है। बक्सर जिले के लिए कुल 1600 नारियल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन योजना की लोकप्रियता का आलम यह है कि लक्ष्य से कहीं अधिक 2200 पौधों के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

समय पर पौधे देने में चूका निदेशालय

लेकिन सबसे बड़ा पेंच पौधों की उपलब्धता और मौसम को लेकर फंस गया है। नारियल रोपण के लिए जुलाई से अगस्त का समय सबसे अनुकूल माना जाता है। दुखद पहलू यह है कि अगस्त का महीना बीत जाने के बाद भी उद्यान निदेशालय की ओर से अभी तक बक्सर जिले को पौधे प्राप्त नहीं हो सके हैं।

प्रशासनिक और सप्लाई की इस देरी के कारण लक्ष्य से अधिक आवेदन मिलने के बावजूद अब तक किसी भी इच्छुक किसान को पौधा वितरित नहीं किया जा सका है, जिससे किसानों में योजना का लाभ उठाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

नारियल की खेती किसानों के लिए लाभप्रद हो सकती है। यह एक नकदी फसल है। इसको लेकर किसानों मे उत्साह है। निदेशालय से पौधे उपलब्ध होते ही किसानों के बीच बांटे जाएंगे। - किरण भारती, जिला उद्यान भारती