बक्सर : कोरानसराय गांव निवासी स्व. पन्नालाल साह के 45 वर्षीय पुत्र अजय गुप्ता अपने मित्र तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के रात्रि पहरी कमलेश कुमार के साथ पिछले सात वर्षों से प्रतिदिन सुबह में एक साथ मार्निंग वाक पर जाते थे। प्रतिदिन की तरह मंगलवार की सुबह 4:30 बजे भोर में दोनों मित्र टहलने के लिए निकले। इसी बीच एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक पीछे से रौंदते हुए निकल गया।

गंभीर रूप से घायल अजय साह की मृत्यु इलाज के दौरान वाराणसी ले जाते समय रास्ते में हो गई वहीं बताया जा रहा है कि कमलेश कुमार ट्रक के बीचो-बीच हो गए थे जिससे उनके केवल कंधों में चोट आई है। वह काल के गाल में जाकर भी बाल बाल बच तो निकले हैं, लेकिन आंखों के सामने अपने मित्र की मौत से सदमे में हैं। किसी के खुशियों को कैसे नजर लग जाती है यह मंगलवार को कोरानसराय गांव में सड़क दुर्घटना में मौत के शिकार अजय गुप्ता के घर देखने को मिली। कुछ देर पहले जिस घर आंगन में हंसी खुशी का माहौल था वहां अब कोहराम मचा है। मृतक की पत्नी हेमा देवी और मां शांति देवी जहां दहाड़ मार कर रो रही थी वही बेटी अनुष्का और पांच वर्षीय बेटा अनिकेत कोने में बैठकर सुबक रहा था। युवक की मौत के बाद दरवाजे पर उपस्थित भारी भीड़ एक दूसरे का मुंह देख रही थी। किसी को यह समझ में नहीं आ रहा है कि कौन किसे समझाए तथा किस दम पर ढांढस बंधाए। घायल अजय का अंतिम शब्द था मेरे बच्चों का क्या होगा

मार्निग वाक पर निकले अजय गुप्ता को रौदते हुए ट्रक निकल गया तो गंभीर रूप से जख्मी अजय के मुंह से अंतिम शब्द निकला ''कमलेश भाई अब मैं नहीं बचूंगा.. मेरी बूढ़ी मां, पत्नी और बेटा बेटी का क्या होगा...। यह बात कह कर पिछले सात वर्षों से एक साथ मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के नाइट गार्ड और आरा निवासी कमलेश कुमार फफक पड़े। विरोध में रही कोरानसराय की सभी दुकानें बंद

सड़क दुर्घटना में मौत के शिकार युवक अजय गुप्ता कोरानसराय में स्टेशनरी और जनरल स्टोर की दुकान संचालित कर अपने बाल बच्चों का भरण पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद आक्रोशित दुकानदारों में कोरानसराय की सभी दुकानें बंद कर एकजुटता दिखाते हुए मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा ओवरलोड ट्रकों से वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अडिग रहे। अनुमंडलीय अस्पताल की कुव्यवस्था पर ग्रामीणों ने उठाया सवाल

सड़क दुर्घटना में घायल युवकों को लेकर ग्रामीण अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां अस्पताल में रूई व बैंडेज लगाने की बात तो दूर मृतक के परिजनों ने यहां तैनात चिकित्सकों के द्वारा कोई इलाज नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। मृतक के भाई राजीव कुमार और संजय कुमार ने बताया कि अनुमंडल अस्पताल में इलाज के अभाव और एंबुलेंस नहीं होने के कारण भाई की मौत हो गई। यह शिकायत आक्रोशित लोगों ने जाम समाप्त कराने पहुंचे अधिकारियों के सामने भी रखी। एसडीओ कुमार पंकज ने आश्वासन दिया इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। आपदा राहत कोष से स्वजनों को मिलेंगे पांच लाख रुपये

युवक की मौत की घटना के बाद सड़क जाम कर रहे आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने के लिए पहुंचे एसडीओ कुमार पंकज ने आश्वासन दिया कि पंद्रह दिनों के अंदर आपदा राहत कोष के तहत मृतक की पत्नी को पांच लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा तत्काल पारिवारिक लाभ योजना के तहत बीस हजार और कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये परिवार के लोगों को उपलब्ध कराया गया।

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