बक्सर । खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी गंगा न केवल जिले के लोगों को टेंशन दे रही हैं अपितु, जिला प्रशासन का टेंशन भी बढ़ा रही हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार की सुबह से गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी राघवेन्द्र ¨सह ने समाहरणालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आपदा की बैठक की। इस दौरान उन्होंने न केवल बाढ़ आने की स्थिति से निपटने के लिए जिले में की गई आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया अपितु, संभावित बाढ़ को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने एक तरफ जहां नावों को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। वहीं, जरूरत के अनुसार फूड पैकेट्स तैयार करने की तैयारियों को भी पूरा कर लेने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी जरूर बढ़ रहा है। हालांकि, बहुत जल्द ही यह स्थिर भी हो जाएगा। डीएम ने बाढ़ की संभावना से इनकार किया। वैसे एहतियात के तौर पर की गई तैयारियों की समीक्षा को लेकर उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रहने, दवा आदि का इंतजाम करने तथा जलजमाव वाले इलाकों में दवा आदि का छिड़काव करने के बारे में दिशा-निर्देश दिया गया। वहीं, नावों को दुरुस्त रखने, संभावित बाढ़ के इलाकों में गर्भवती महिलाओं एवं धातृ महिलाओं को चिह्नित करने के पूर्व के दिए गए निर्देशों की समीक्षा की। डीएम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं एवं धातृ महिलाओं को चिह्नित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक में सिविल सर्जन डॉ.केके लाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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