फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, नौका विहार और इको पार्क...; 427 करोड़ से ऐसे बदलेगा बक्सर का चेहरा
बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज स्कीम के तहत 427 करोड़ रुपये की 9 मेगा विकास ...और पढ़ें

बक्सर नगर परिषद की योजनाओं को मिली स्वीकृति
HighLights
बक्सर में 9 मेगा विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी।
427 करोड़ रुपये की लागत से बदलेगा शहर का स्वरूप।
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, बक्सर। केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज स्कीम के तहत बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में 9 मेगा विकास परियोजनाओं को गति मिलने लगी है।
विभाग की ओर से नगर परिषद को इन महत्वाकांक्षी योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई।
पटना से स्थलीय निरीक्षण के लिए अधिकृत एजेंसी ने चयनित स्थलों का भौतिक निरीक्षण करने के बाद नगर परिषद के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की। अब एजेंसी डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में जुट जाएगी।
विभाग से स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा काम
नगर परिषद की ओर से पूर्व में इन 9 योजनाओं के लिए करीब 427 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया था।
विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद अब योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थलीय निरीक्षण और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा।
इसके आधार पर योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की कार्रवाई होगी। अर्बन चैलेंज स्कीम के तहत चयनित प्रमुख योजनाओं में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, गंगा नदी में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, नौका विहार शामिल हैं।
इसके अलावा बहुउद्देश्यीय वाणिज्यिक भवन, होटल सह कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, इको पार्क और बहुमंजिला बस स्टैंड समेत अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से बक्सर शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन, व्यापार और परिवहन व्यवस्था को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
गंगा तट से जुड़ी योजनाओं के विकसित होने से शहर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, वाणिज्यिक भवन, होटल कॉम्प्लेक्स और ट्रांसपोर्ट हब जैसी परियोजनाओं से कारोबार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
नगर परिषद के अनुसार, इन योजनाओं का असर केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा। बड़े पैमाने पर निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
साथ ही शहर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होने से बक्सर के शहरी स्वरूप में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है। अब डीपीआर तैयार होने के बाद योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में अगला चरण शुरू होगा।
