साइबर अपराधियों का हथियार बन रहा वॉट्सऐप, अनजान लिंक पर क्लिक करते ही लुट रही जिंदगी भर की कमाई
वॉट्सऐप अब साइबर अपराधियों का हथियार बन गया है, जिससे लोग अपनी प्रतिष्ठा और पैसा गंवा रहे हैं। हैकर्स मानवीय ...और पढ़ें

अनजान लिंक पर न करें क्लिक। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
हैकर्स मानवीय व्यवहार का फायदा उठाकर वॉट्सऐप हैक करते हैं।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन और एपीके फाइलों से बचें, सुरक्षित रहें।
भोजपुर में कई लोग वॉट्सऐप हैकिंग के शिकार हुए हैं।
आनंद प्रकाश, चरपोखरी (आरा)। संवाद का सबसे सुलभ साधन कहा जाने वाला वॉट्सऐप इन दिनों साइबर अपराधियों का सबसे घातक हथियार बनते जा रहा है। जिसे हम अपनों से जुड़ने का जरिया समझते थे।
वहीं, अब डिजिटल कॉल बनकर लोगों के सामने खड़ा है। हाल ही में वॉट्सऐप द्वारा जारी किए गए यूपीआई भुगतान, वीडियो कॉल और कम्युनिटी ग्रुप जैसे फीचर्स ने समन्वय तो बढ़ाया, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी ने सैकड़ों लोगों को सड़क पर ला दिया है। जिले में रोजाना दर्जनों लोग अपनी प्रतिष्ठा और पैसा दोनों गंवा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि दुनिया का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला एड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म आखिर हैक कैसे हो रहा है। इस मामले में विशेषज्ञों के अनुसार हैकर्स वॉट्सऐप की तकनीक को नहीं बल्कि मानवीय व्यवहार को हैक कर रहे हैं।
हैकर सबसे पहले किसी एक व्यक्ति का वॉट्सऐप हैक करते हैं। फिर उस व्यक्ति के भरोसे का फायदा उठाकर उसके संपर्कों को शादी का निमंत्रण या नौकरी का अवसर जैसी फाइलें भेजते हैं। इसके अलावे पैसे मांगना शुरू करते है। यूजर सोचता है कि संदेश किसी अपने ने भेजा है और यहीं वह जाल में फंस जाता है।
क्या है हैक करने वाला एप्लिकेशन फाइल का मायाजाल
जैसे ही आप भेजी गई फाइल को इंस्टॉल करते हैं, फोन में एक गुप्त वायरस सक्रिय हो जाता है। यह वायरस आपके वॉट्सऐप का पूरा नियंत्रण हैकर को दे देता है, जिससे वह आपके फोन को छुए बिना आपका खाता चला सकता है।कई मामलों में स्क्रीन शेयरिंग एप्स या फर्जी क्यूआर कोड के जरिए भी खाते को दूसरे उपकरणों पर जोड़ लिया जाता है।
सुरक्षा का ब्रह्मास्त्र, इन तीन सेटिंग्स से सुरक्षित रखें अपना वॉट्सऐप
वॉट्सऐप की सुरक्षा की सबसे ऊंची दीवार टू स्टेप वेरिफिकेशन है। वॉट्सऐप सेटिंग्स में जाकर छह अंकों का गुप्त पिन बनाएं। इसके सक्रिय होने पर सिम कार्ड चोरी होने या क्लोन होने के बावजूद कोई भी आपके खाते को नहीं खोल पाएगा।
वॉट्सऐप पर किसी भी ऐसी फाइल को डाउनलोड न करें जिसके अंत में डाट एपीके लिखा हो। एपीके फाइल असल में एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है जो आपके फोन की जासूसी शुरू कर देता है।
अपने वॉट्सऐप की सेटिंग्स में लिंक्ड डिवाइसेस को नियमित रूप से चेक करें। यदि वहां कोई ऐसा कंप्यूटर या ब्राउजर दिखे जिसे आपने नहीं जोड़ा है तो उसे तुरंत लॉग आउट कर दें।
केस स्टडी
पार्सल के झांसे में वॉट्सऐप हैक
चरपोखरी के शिक्षक राम सुरेश सिंह को पार्सल अपडेट करने के नाम पर एक अनजान कॉल आई। ठग के कहे अनुसार मोबाइल पर स्टार (*) वाला एक कोड डायल करते ही उनका वॉट्सऐप हैक हो गया। इसके बाद हैकर ने उनके दोस्तों और परिजनों से 18 से 45 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी।
चरपोखरी के किसान नेता रंजन राय का वॉट्सऐप एक अज्ञात ऐप लिंक की सक्रियता के कारण ऑटोमैटिक हैक हो गया। हैक होते ही उनके मोबाइल पर बैंक ऑफ इंडिया के ऐप से जुड़ी गतिविधियां और लिंक दिखने लगे।
आरटीओ चालान के माध्यम से कर रहे हैक
चरपोखरी व्यापार मंडल अध्यक्ष हरिनारायण सिंह के वॉट्सऐप पर एक संबंधी के नंबर से आरटीओ चालान आया। जैसे ही उन्होंने लिंक को टच किया उनका वॉट्सऐप हैक हो गया और हैकर्स ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते में सेंध लगा दी।
उस समय उनके खाते में 2 लाख 49 हजार रुपये जमा थे, जिन्हें निकालने की हैकर्स ने पूरी कोशिश की। हालांकि उन्होंने त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बैंक को सूचित कर अपना खाता फ्रीज करवा दिया।
बिना ओटीपी के हुआ हैक
चरपोखरी पूर्व उप प्रमुख पप्पू साह का वॉट्सऐप बिना ओटीपी या लिंक साझा किए अचानक हैक हो गया, जिसमें हैकर्स ने सबसे पहले उनके मोबाइल सिम को ही निष्क्रिय कर दिया। सिम बंद होने के बाद हैकर ने उनके वॉट्सऐप का नियंत्रण लेकर परिचितों से पैसों की मांग की और अभद्र संदेश भेजे।
भेज दी गंदी-गंदी तस्वीर
नीरज पांडेय नगरी का वॉट्सऐप और मोबाइल एक संदिग्ध फाइल एपीके पर क्लिक करते ही हैकर्स के नियंत्रण में चला गया। इसके तुरंत बाद उनका फोन असामान्य रूप से गर्म होने लगा और चार्जिंग भी बंद हो गई और उनके वॉट्सऐप से परिचितों और समूह में गंदी-गंदी तस्वीरों को भेज कर प्रतिष्ठा धूमिल कर दी गई।
