जागरण संवाददाता, आरा: जिले में विगत चार दिनों से ठंड और कनकनी कहर गुरुवार को भी जारी रहा। सुबह से लेकर दोपहर तक घने कोहरे के बीच हाड़ कंपानी वाली ठंड से लोग ठिठुरते रहे। दोपहर बाद हुई हल्की धूप से थोड़ी देर के लिए राहत जरूर मिली, पर कुछ ही देर बाद हुई हल्की बुंदाबांदी से ठंड का असर फिर शुरू हो गया।

सुबह 10 बजे तक सड़क से लेकर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। रेलवे स्टेशन से लेकर बस पड़ाव तक में विरानगी छाई रही। कोहरे और धूंध के कारण दिन में सड़क से गुजर रहे वाहनों के हेडलाइट जलते नजर आ रहे थे। दोपहर तक अधिकांश लोग घरों में ही दुबके रहे। कोर्ट-कचहरी और कार्यालयों में भी आम लोगों की मौजूदगी काफी कम दिखी। फिर शाम होते ही कोहरे और कनकनी ने सितम ढाना शुरू कर दिया। जरूरी काम से घर से बाहर निकले लोग जल्दी ही वापस घर लौट आए। शाम छह बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा का साम्राज्य स्थापित हो गया। इस बीच शहर के फुटपाथ पर गुजर बसर करने वाले गरीब परिवारों के लोग चौक चौराहों पर प्रशासन से अलाव के लिए मिलने वाली अलाव की लकड़ी की राह दखते रहे, पर अधिकांश जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं थी। जहां थी, वहां पर्याप्त नहीं थी। मजबूरी में कई लोग कचरा जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे।

जागरण के सेंटर पर कर्मयोगी साथियों के लिए जले अलाव

अत्यधिक ठंड में पाठकों तक समय पर दैनिक जागरण पहुंचा कर जीवटता का परिचय दे रहे कर्मयोगी साथियों के लिए सेंटर पर अलाव की व्यवस्था की गई। चाय की चुस्कियों के बीच अलाव की गर्मी मिलने से कर्मयोगियों ने राहत महसूस की। अलाव की व्यवस्था समाजसेवी विष्णु शंकर राय और जिले के एजेंट विजय कुमार सिंह के सौजन्य से हुआ। मौके पर मौजूद लोगों में मंटू, नरेश, पप्पू, शुभम, मोनू, सुखदेव, नीरज, बदरुद्दीन, अनवर, स•ा्•ाद,अजय,राजकुमार, अमित,मोहित, पंकज,शियानन्द, विवेक,सूरज,म•ाहर,प्रशांत सहित कई कर्मयोगी वितरक उपस्थित थे।

तापमान में जारी गिरावट का विवरण:

दिनांक अधि.-न्यूनतम

13 जनवरी 22-15

14 जनवरी 22-13

15 जनवरी 23-10

16 जनवरी 23-10

17 जनवरी 21-09

18 जनवरी 20-08

19 जनवरी 16-07

20 जनवरी 20-08

Edited By: Jagran