आरा। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति द्वारा हड़ताल के आठवें दिन भी जगदीशपुर प्रखंड परिसर में धरना जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता चन्द्रदेव कुमार सिंह ने की। धरना का समर्थन करने पहुंचे समन्वय समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्य सह बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह मंटु, टेट स्टेट उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, नियोजित शिक्षक न्याय मोर्चा के संयोजक शैलजा सिंह, परिवर्तन कारी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रंजन कुमार सिंह एवं प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के जिलाध्यक्ष राजाराम प्रियदर्शी ने कहा कि सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से राजतंत्र चलाना चाहती है। लोकतंत्र में अपने हक के लिए सबको आन्दोलन करने का अधिकार मिला हुआ है। लेकिन शिक्षक जब न्याय संगत मांग पूर्व के शिक्षकों की भांति सेवा-शर्त और वेतनमान की बात करती है तो उन्हें लाठी के बल पर धरना स्थल से जबरन हटाया जाता है। यह सरकार अब मात्र अपना दिन गिन रही है। धरना में तनबीर हसन, मनीष कुमार,सत्येंद्र कुमार सिंह, जयप्रकाश ठाकुर, कमलेश कुशवाहा, रवि मिश्रा, अरविद कुमार सिंह, विनय चौधरी, संजय कुमार, कृष्ण मोहन पाण्डेय, लक्षमीकान्त सिंह, मृत्युंजय चौधरी, अजय कुमार सिंह, सुदामा सिंह, उदय प्रसाद गहलोत, विजया लक्षमी वर्मा, मंजु कुमारी, पुजा कुमारी, स्वीटी कुमारी, संगीता कुमारी, मंजु कुमारी, दर्शनानन्द सिंह, विजय सिंह, विजय कुमार, शबनम प्रवीण, यासमीन सुल्ताना, चंचला सिंह, नुता पाण्डेय, मधु कुमारी, मधुलिका पाण्डेय, प्रेमचंद सिंह, कुन्दन कुमार, विनोद राम, मनोज मिश्रा, विरेन्द्र सिंह सहित अन्य शिक्षक- शिक्षिका उपस्थित थे।

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पीरो से संवाद सहयोगी के अनुसार हक हमारा वेतनमान, लड़कर लेंगे वेतनमान, लेकर रहेगें वेतन जैसे जोश भरे नारों के बीच शिक्षकों का बेमियादी हड़ताल लगातार आठवें दिन जारी रहा। इस दौरान पीरो, तरारी व चरपोखरी प्रखंडों में शिक्षक नेताओं ने अलग-अलग बैठकें आयोजित कर आगे की रणनीति तय की। पीरो में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष मंडल के सदस्य गोरखनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान तय किया गया कि नियमित शिक्षकों की तरह पूर्ण वेतनमान, सरकारी कर्मी का दर्जा व अन्य सुविधाएं मिलने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। यहां शिक्षक नेताओं ने कहा दमनात्मक कार्रवाई के बल पर सरकार हमारी आवाज को दबा नहीं सकती है। वेतनमान हमारा संवैधानिक अधिकार है। जिसे हासिल करने के लिए हम लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इधर तरारी में बिहार राज्य संघर्ष शिक्षक समिति की स्थानीय इकाई द्वारा प्रखंड मुख्यालय में हड़ताली शिक्षक आठवें दिन धरना पर अडे़ रहे यहां चल रहे धरना की अध्यक्षता विनोद कुमार सिंह एवं मंच संचालन सारंगधर पांडे ने किया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य उपेंद्र यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ण वेतनमान शिक्षकों का संवैधानिक हक है और बिहार सरकार को इस पर विचार करते हुए पूर्ण वेतनमान देना चाहिए। यहां धरना में शामिल शिक्षकों में मनीष सिंह, आकाश रंजन, नागेंद्र कुमार, विनीत श्रीवास्तव, राजेश कुमार, शिवाकांत उपाध्याय, सुनीता कुमारी, मीरा कुमारी, मंजू कुमारी, सत्येंद्र राय, कन्हैया कांत सिंह, बृजेश कुमार, हसन इमाम आदि प्रमुख थे। पीरो में आयोजित बैठक में उपस्थित शिक्षक मो. नसीम अखिलेश कुशवाहा निर्मल कुमार, हरिद्वार प्रसाद, अशोक कुशवाहा, राधेश्याम प्रसाद, जितेन्द्र कुमार, चन्द्र भानू पाण्डेय, रविन्द्र कुमार, शिव कुमार राम, विजय कुमार, संजय ओझा, उमेश कुमार, सुनील कुमार विभूति नारायण, सत्यप्रकाश, कामेश्वर राम, रोबिन कुमार ईश्वर पंडित, रमेश कुमार, नीरु देवी, पुनम कुमारी, अराधना कुमारी, सरिता कुमारी, माया कुमारी, विमला कुमारी, शबाना शबनम, अजमेरी खातून, वीणा कुमारी, अनिता कुमारी डिम्पल कुमारी, नीतू कुमारी कल्पना कुमारी, रेनू कुमारी, ललिता कुमारी, मंजू देवी, कमली कुमारी, मोनिका राज, संगीता कुमारी आदि शिक्षक मौजूद थे।

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चरपोखरी से संवाद सूत्र के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित शिक्षा कार्यालय पर प्रखंड के नियोजित शिक्षकों ने बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले आठवें दिन सोमवार को भी धरना जारी रखा। धरना कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन एवं राज्य कर्मी का दर्जा नहीं दिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए प्रखंड मुख्यालय में धरना पर बैठे रहे। शिक्षकों ने बताया कि नियोजित शिक्षक सरकार के किसी भी कार्य में भाग नहीं लेंगे। गौरतलब हो कि पिछले 17 फरवरी से नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड के लगभग 100 विद्यालयों में ताला बंद है एवं पठन-पाठन पूरी तरह से ठप है। शिक्षकों द्वारा बताया गया कि 51 शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य के लिए सरकार द्वारा निर्गत चिट्ठी को लेने से इंकार कर दिया गया है। धरना में कमल देव सिंह, अखिलेश राय ,जितेन्द्र राय, राधेश्याम मिश्रा, गांधी राय दवल राम, सुनील कुमार सिंह, पवन सूत, रामचंद्र राम, शंकर मुंडा, कांति कुमारी, माया कुमारी सहित कई शिक्षक शामिल थे।

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शाहपुर से संवाद सूत्र के अनुसार शिक्षक हड़ताल के आठवें दिन हड़ताली शिक्षकों से मिलने आखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के लोग पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि अपने लंबित मांगों को लेकर जो अनिश्चितकालीन आंदोलन चल रहा है, वह अपने मांगों को पूरे हुए बिना समाप्त नहीं होगा। शिक्षाविद मिथिलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि तमाम ²ष्टांत के माध्यम से शिक्षकों का हौसला बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माण करने वाला समाज का प्रतिनिधि होता है। उसी की जरूरत है यदि पूरी नहीं होंगी, तो समाज का निर्माता अपने ही समाज में ठगा सा महसूस करता रहेगा। साथ ही अपने आप को द्वितीय श्रेणी का मानकर चलेगा। भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ काउंसलर सह बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अंकेक्षक राम भूषण उपाध्याय कहा कि प्राथमिक शिक्षक नौनिहालों को शिक्षा और सुरक्षा देता है, जो पल्लव की तरह कोमल हैं एवं सभी समाज के निर्माण में इनका बहुमूल्य योगदान है। वेतनमान और सेवा शर्त की सभी सहूलियत मिलनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति के प्रखंड अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे ने किया। कार्यक्रम में परमात्मा पांडे, योगेंद्र उपाध्याय, उमेश पांडे, भुनेश्वर पांडे, वृंदावन राजेंद्र ओझा, सत्येंद्र ठाकुर, राजेंद्र यादव, सीमा सिंह, विजय कुमार, पवन कुमार, सुजीत कुमार सहित कई शिक्षक संघ के सदस्य व शिक्षक उपस्थित रहे।

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उदवन्तनगर (भोजपुर) से संवाद सूत्र के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन के समक्ष नियोजित शिक्षकों ने आठवें दिन भी धरना प्रदर्शन किया। इन दिनों बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शिक्षक बेमियादी हड़ताल पर चल रहे हैं। शिक्षकों को जनप्रतिनिधियों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग मिलने लगा है। सोमवार को आयोजित प्रदर्शन स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता दीपा सिंह ने शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शिक्षक हमारे समाज की नींव है।इनके द्वारा ही समाज में सुसंस्कृति का सृजन किया जाता है। शिक्षक पत्थर को तराश कर हीरा बनाते हैं। हम सभी लोग शिक्षकों के साथ हैं और लड़ाई में अगर जन सहयोग की बात होगी तो हम लोग शिक्षकों के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे। जिला पार्षद उदवंतनगर पश्चिमी अमरदीप प्रसाद ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की मांग जायज है। सरकार को इनकी मांग तुरंत मांग लेनी चाहिए। शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने से विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था लगभग समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सरकार को समान काम समान वेतन के क्षेत्र में पहल करनी चाहिए। शिक्षक नेता संजय कुमार देवांशु ने कहा कि सरकार शिक्षकों को बांटने की हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन शिक्षकों की एकता अटूट है। शिक्षकों को डराने धमकाने से लेकर कार्रवाई करने तक का भय दिखाया जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी एकता बनाए रखना अति आवश्यक है। हमारी लड़ाई मांग मिलने तक जारी रहेगी। उन्होंने आन्दोलन के साथ मजबूती से खड़ा होने का आह्वान किया। मौके पर जितेंद्र कुमार सिन्हा, सुनील कुमार, संतोष कुमार, संतोष कुमार सिंह,पल्लवी, परमेश्वर पासवान, हबीबुल्ला, संगीता कुमारी, शहजादा खातून, नीरज पासवान, रवि रंजन, जेसी बोस, सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे।

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सहार से संवाद सूत्र के अनुसार बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति के आह्वान पर सहार प्रखंड के प्रखंड संसाधन केंद्र पर आठवें दिन भी शिक्षकों का धरना जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता रविद्र कुमार तथा मंच संचालन पंकज कुमार एवं सत्येंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। आज अध्यक्षीय मंडल द्वारा एक आवश्यक बैठक कर मूल्यांकन के एमपीपी के कार्य से सभी हड़ताली शिक्षकों को अलग रहने का आह्वान किया गया। वक्ताओं में अरुण कुमार वर्मा, पंकज कुमार, देव कुमार ठाकुर, गुप्तेश्वर पाठक, कमलेश कुमार, सूफिया साहिन, अजय कुमार लहरी, सुनील कुमार, प्रकाश कुमार, चंदन कुमार इत्यादि सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपने वक्तव्य से हड़ताल को सफल बनाने हेतु प्रतिबद्धता दिखाई तथा मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

Posted By: Jagran

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