आरा: राज्य में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री मुकेश साहनी ने हाल में दैनिक जागरण को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि बिहार में प्रतिदिन पशुपालक 55 लाख लीटर दूध करा उत्पादन कर रहे हैं, लेकिन यह प्रतिदिन की जरूरत से 15 लाख लीटर कम है। सरकार इस फासले को पाटने के लिए नाबार्ड की मदद ले ने वाली है। सरकार ने नाबार्ड के माध्यम से पशुपालन से जुड़े किसानों के आय को बढ़ाने के लिए नई योजना शुरु कर दी है। नाबार्ड जिले के गाय व बकरी पालकों के कृषक उत्पादक संघ (एफपीओ) को लगभग 23 लाख रुपए अनुदान देगा, जिससे अपना डेयरी उद्योग स्थापित कर सकें और दुग्ध उत्पादन को बढ़ा सकें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की आय को बढ़ाने की योजना में भी इसे शामिल कियाउ गया है। बिहियां प्रखंड के तियर पंचायत में गाय पालन तथा जगदीशपुर पंचायत के दावां पंचायत में बकरी पालन के लिए दो कृषक उत्पादक संघ को बनाने की अनुमति प्रदान की गई है। ----- किसानों के आय को दोगुना करने को ले पशुपालन को बढ़ावा:

प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के आय को बढ़ाने को ले जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कार्रवाई शुरु कर दी गई हैं। बिहिया प्रखंड के तियर पंचायत में देशी नस्ल की गाय और जगदीशपुर प्रखंड के दावां पंचायत में बकरी पालन के लिए जन विकास क्रांति संस्था को जिम्मेदारी सौपी गई है। नाबार्ड ने इस तीन वर्षीय परियोजना के लिए दोनों एफपीओ को अलग अलग 11.44 लाख के अनुदान की स्वीकृति प्रदान की है। योजना के तहत गाय, बकरी, मत्स्य, मुर्गी, सुअर पालक किसानों को बढ़ावा देना है। ------ कहते है नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रंजीत कुमार सिन्हा:

जिला विकास प्रबंधक रंजीत कुमार सिन्हा कहते हैं कि पहले कृषक उत्पादक संघ बनाकर फसल व सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा था। पीएम के आह्वान के बाद अब पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई है। पशुपालक किसान उत्पादक संघ भी पूर्व के संघ की तर्ज पर काम करेगा। जिले में शीघ्र कार्यारंभ के लिए तत्काल दो एफपीओ को स्वीकृति दी गई है।

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