झारखंड पेपर लीक कांड: दिल्ली से धराया भोजपुर का मिथलेश, CM हेमंत ने JSSC-CGL समेत TDPL के सभी एग्जाम-रिजल्ट किए रद
झारखंड के चर्चित पेपर लीक मामले में भोजपुर के मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें

चार बार जेल जाने के बाद भी नहीं थमा कथित खेल
HighLights
झारखंड पेपर लीक मामले में भोजपुर का मिथलेश दिल्ली से गिरफ्तार।
आरोपित मिथलेश पहले भी चार बार पेपर लीक में जेल जा चुका।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने TDPL के सभी एग्जाम-रिजल्ट किए रद्द।
संवाद सूत्र,चरपोखरी (भोजपुर)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से जुड़े चर्चित पेपर लीक मामले में झारखंड सीआइडी की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।
भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव निवासी स्व. ललन सिंह के पुत्र मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी पिछले सप्ताह की बताई जा रही है। कार्रवाई की खबर सामने आते ही पसौर और आसपास के इलाकों में चर्चा तेज हो गई।
पसौर के युवक की गिरफ्तारी से गांव में मची हलचल
दिल्ली में हुई गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद गांव के चौराहों और चाय की दुकानों पर दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही।
ग्रामीण इस बात को लेकर हैरान दिखे कि उनके गांव का एक व्यक्ति प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में इतनी बड़ी जांच के दायरे में पहुंच गया।
जांच एजेंसियां अब उसके स्थानीय संपर्कों और पैतृक गांव से जुड़े संभावित तारों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पंजाब से बिहार तक पहले भी जेल जा चुका है आरोपित
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मिथलेश सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, सिंडिकेट चलाने और पेपर लीक से जुड़े मामलों में पहले भी कम से कम चार बार जेल जा चुका है।
इसके बावजूद कथित तौर पर यह गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आई है।
बेटे के नाम पर एजेंसी, परीक्षा केंद्रों का काम
जांच से जुड़ा एक चौंकाने वाला पहलू यह भी बताया जा रहा है कि मिथलेश ने अपने कथित कारोबार को छिपाने के लिए बेटे के नाम पर एक एजेंसी खोल रखी थी।
यह एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र की व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े काम देखती थी। अब जांच एजेंसियां इस एजेंसी की भूमिका और उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही हैं।
चार बार जेल जाने के बाद भी नहीं थमा कथित खेल
मिथलेश के पूर्व में कई राज्यों में गिरफ्तार होने की चर्चा के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की बातें हो रही हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों के बीच कोई आपसी कनेक्शन था या नहीं। उसके पुराने मामलों और मौजूदा प्रकरण के बीच संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
झारखंड में परीक्षाओं को लेकर बढ़ा था विवाद
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद मामला काफी गरमा गया था।
विधानसभा में भी इसे लेकर लगातार हंगामा हुआ। इसी बीच सरकार ने विवादित प्राइवेट एजेंसी टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं और प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया।
TDPL से जुड़ी परीक्षाएं और प्रक्रिया रद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए टीडीपीएल से जुड़ी आयोजित परीक्षाओं, घोषित परिणामों, चयनित एवं भाग लेने वाले अभ्यर्थियों और एजेंसी से जुड़ी अन्य गतिविधियों को रद करने की घोषणा की।
सरकार के इस फैसले के बाद परीक्षा प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर कार्रवाई और तेज होने की उम्मीद है।
अब स्थानीय कनेक्शन तलाश रही जांच एजेंसियां
मिथलेश की दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा उसके पैतृक गांव और स्थानीय संपर्कों तक भी पहुंच सकता है।
पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित पेपर लीक नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग जुड़े थे।
पूरे मामले में आगे और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
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