आरा। हत्या के प्रयास के एक मामले में षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन यादव ने जगनारायण तिवारी व उसके पुत्र सोनू तिवारी को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रशांत रंजन ने बहस किया था। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2012 को संदेश थानान्तर्गत बसोरी गांव निवासी सुरेन्द्र तिवारी और उसके भाई जगनारायण तिवारी के बीच भूमि विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। जिसमें दोनों पक्ष गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। घटना को लेकर सुरेन्द्र तिवारी ने अपने बड़े भाई व उसके पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि उक्त दोनों ने उसे व उसकी मां को धारधार हथियार से मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। जबकि जगनारायण तिवारी ने भी सुरेन्द्र तिवारी समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसका उसी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।

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