आरा। मध्य प्रदेश के बाणसागर से छोड़ा गया 3.65 लाख क्यूसेक पानी इंद्रपुरी बराज से निकलकर दोपहर में भोजपुर पहुंच गया। सोन नदी के रास्ते बाणसागर का पानी लगभग दोपहर 2 बजे बबुरा के पास गंगा नदी में गिरने लगा। एकाएक सोन नदी के जलस्तर में सोमवार को उफान हो गया। कोईलवर में सोन नदी का जलस्तर लगभग एक मीटर बढ़ गया है। उधर शनिवार से रविवार तक घट रही गंगा नदी में भी सोमवार से एकाएक जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी। गंगा नदी इलाहाबाद, बनारस, बक्सर व बड़हरा में तेजी से बढ़ने लगी है। गंगा एवं सोन नदी के जलस्तर में एक साथ तीव्र गति से हो रही वृद्धि के चलते भोजपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहले से ही जिले के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाणसागर से पानी छोड़े जाने व गंगा के जलस्तर में तीव्र गति से वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी संजीव कुमार व पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार के साथ अपर समाहर्ता सुरेन्द्र प्रसाद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण प्रकाश, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बड़हरा प्रखंड के नेकनाम टोला, केशोपुर, बखोरापुर, सरैंया, बलुआ, आरा प्रखंड के पिरौटा, सलेमपुर एवं पिपरपाती तथा शाहपुर प्रखंड के दामोदरपुर, बरिसवन व गौरा गांव का निरीक्षण कर जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित प्रखंडों के लोगों ने जिलाधिकारी से तत्काल नाव उपलव्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों से जिलाधिकारी ने बाढ़ का फीडबैक प्राप्त किया। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि सभी सुविधाएं मिलेंगी। प्रशासन आपके साथ है डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित अंचलों के अंचलाधिकारियों को तुरंत नाव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही पूरा सिस्टम के साथ कैम्प लगाने का फरमान जारी किया। जिलाधिकारी ने लोगों से ऊचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। ताकि अचानक बाढ़ की स्थिति गंभीर हो जाने पर उन तक मूलभूत जरूरी सुविधाएं मुहैया कराया जा सके।

जिलाधिकारी संजीव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने शाहपुर प्रखंड के बहोरनपुर, दामोदरपुर समेत कई गांवों में घुमकर लोगों से हालचाल जाना एवं पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने बक्सर-कोईलवर-गंगा तटबंध पर बहोरनपुर एवं दामोदरपुर समेत अन्य गांवों के लिए तत्काल लगर की व्यवस्था करने का आदेश दिया। साथ ही पर्याप्त संख्या में नाव, जेनरेटर, लाइट, टेंट, भोजन पानी तथा मेडिकल टीम की व्यवस्था करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। सीओ, बीडीओ एवं एसडीओ संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी सौंपी।

जिलाधिकारी संजीव कुमार ने बाढ़ की गंभीर स्थिति की संभावना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अंचलाधिकारियों द्वारा लाउडीस्पीकर से प्रचार-प्रसार कर लोगों को ऊंच व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की सोमवार की सुबह से एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि प्रारंभ होने के बाद सतर्कता व बाढ़ के हालिया स्थिति को जानने जिलाधिकारी संजीव कुमार, एसपी अवकाश कुमार, एडीएम सुरेन्द्र प्रसाद तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ बाढ़ क्षेत्रों का दौरा किए। बड़हरा के स्थानीय मुक्तिधाम गंगा घाट पर पहुंचे डीएम ने प्रखंड व अंचल के अधिकारियों से बात कर बाढ़ की स्थिति को जाना। साथ ही संबंधित अधिकारियों को इस बात की ताकीद की कि बाणसागर डैम से छोड़े गये पानी को लेकर गंगा व सोन का जलस्तर अभी बढ़ेगा। इसलिए खतरे की स्थिति में हर स्तर से सतर्क व तत्पर रहना होगा। प्रभावित क्षेत्रों में नावों की पर्याप्त संख्या होनी चाहिए। जिससे पीड़ित ग्रामीणों को सुविधा मिल सके। बक्सर- कोईलवर तटबंध पर हर पल निगरानी रखने व निर्धारित स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी पर तैनात रहने की हिदायत भी डीएम ने दी। फिर बाढ़ का दौरा करते हुए डीएम का काफिला सरैंया के तरफ चला गया। जानकारी के अनुसार बाणसागर डैम से पानी छोड़े जाने के पूर्व गंगा का पहुंचा उच्चतम जलस्तर 53.90 मीटर से घटकर 53.30 मीटर तक आ गया था। जो फिर एक बार तेज रफ्तार से वृद्धि के साथ 53.75 मीटर के जलस्तर पर सोमवार को अपराह्न 4 बजे तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से तकरीबन 60 सेन्टीमीटर ऊपर है। वृद्धि का रफ्तार अगर यही रहा तो जलस्तर खतरनाक रूप ले सकता है। जिसके लिए प्रशासन ने लाउडस्पीकर से प्रचार करा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों के सावधानी बरते जाने की अपील भी की है।

Posted By: Jagran