style="text-align: justify;"> भोजपुर [जेएनएन]। आंधी-पानी और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी पर एक किसान ने रविवार को गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान ने फसल के लिए महाजन से एक लाख रुपये सूद पर ले रखा था।
जानकारी के अनुसार आरा जिले के सिन्हा ओपी के घांघर बिंद टोला निवासी रामाधार बिंद के पुत्र दशरथ ङ्क्षबद (55) ने कर्ज लेकर फसल लगाई थी और आम का बगीचा खरीदा था। रबी की अच्छी फसल और आम के पेड़ों में टिकोले देख वह काफी खुश था। लेकिन, 30 मार्च को आंधी और पानी के साथ ओलावृष्टि ने दशरथ के सपने तोड़ दिए।
दशरथ के सामने महाजन से लिए गए ऋण को चुकाने की चिंता, बगीचा मालिक की बकाया रकम देने और घर चलाने समस्या खड़ी हो गई थी। वह बेहद निराश था। रात में खाना-पीना खाकर टॉर्च लेकर घर से निकला था। सुबह बगीचे में गमछे से बनाए गए फंदे पर लटका पाया गया।  दशरथ की लाश सुबह पेड़ से टंगी देख परिजन में कोहराम मच गया। थाना पुलिस पहुंची व कानूनी प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अंचलाधिकारी सुमित कुमार सिंह से फोन पर पूछे जाने पर बताया कि अगर किसान ने आत्महत्या की है तो इसमें सरकारी सहायता का कोई प्रावधान नहीं है। परिजन के अनुसार दशरथ ऋण चुकता करने को लेकर तनाव में रहता था।

Edited By: Amit Alok