आरा। भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में पूर्व के छज्जा विवाद को लेकर एक अधेड़ की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। गंभीर से घायल अधेड़ ने बुधवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मारपीट के दौरान मृतक के छोटे भाई मुनीजी राम को भी चोटें आई हैं। इलाज सदर अस्पताल में कराया गया। इधर, मौत के बाद गांव एवं आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक 45 वर्षीय कृष्णा राम मिश्रौली गांव निवासी स्व. भिखारी राम का पुत्र था। वह पेशे से मजदूर था। हमले का आरोप पट्टीदारों पर है। पुलिस पूछताछ कर छानबीन कर रही है।इस मामले को लेकर बुधवार को एक पक्ष के मृतक के भाई मुन्नीजी राम के बयान पर 10 लोगों तथा दूसरे पक्ष के सुबेदार राम के पुत्र जयराम राम के बयान पर 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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दो माह पूर्व से चला आ रहा था विवाद

इधर, मृतक के जख्मी छोटे भाई मुनीजी राम ने बताया कि गांव में ही दूसरे पट्टीदार से दो माह पूर्व छज्जा तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद दोनों पक्षों द्वारा स्थानीय थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद उसने अपना छज्जा दोबारा बना रहा था। जिसको लेकर दूसरे पक्ष के द्वारा दो दिनों से उनके दरवाजे पर आकर गाली-गलौज किया जा रहा था। मंगलवार की रात भी दूसरे पक्ष के लोग दरवाजे पर आकर गाली-गलौज कर रहे थे। जब कृष्णा राम ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने दोनों भाइयों को लाठी-डंडे एवं लोहे के रॉड से मारकर जख्मी कर दिया गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। जहां, इलाज के दौरान कृष्णा राम की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया। दूसरी ओर जख्मी मुनीजी राम ने दूसरे पक्ष के अशोक एवं पप्पू नामक व्यक्ति पर मारपीट कर करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस अपने स्तर से इस मामले की छानबीन कर रही है।

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दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बताया जाता है कि मृतक अपने चार भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था। मृतक के परिवार में मां सोनाझारो देवी, पत्नी काबली देवी व दो पुत्र जीतू एवं रितु है। मौत के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। इस घटना के बाद मृतक की मां सोनाझारो देवी, पत्नी काबली देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।