विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चक्रवात अर्णब की चेतावनी से शाहपुर में बुवाई पर ब्रेक, बारिश हुई तो सड़ सकते हैं दलहनी-तेलहनी फसलों के बीज

Published: Tue, 27 Oct 2026 03:48 PM (IST)

चक्रवाती तूफान अर्णब की चेतावनी के कारण भोजपुर के शाहपुर प्रखंड में किसानों ने दलहनी, तेलहनी और मटर छेमी की ...और पढ़ें

मौसम की चेतावनी से थमे किसानों के कदम

मौसम की चेतावनी से थमे किसानों के कदम

HighLights

  1. चक्रवात अर्णब की चेतावनी से शाहपुर में बुवाई रुकी।

  2. भारी बारिश से बीज सड़ने, जलजमाव का खतरा।

  3. किसान मौसम सामान्य होने का कर रहे इंतजार।

संवाद सूत्र, शाहपुर (भोजपुर)। मौसम विभाग की ओर से चक्रवाती तूफान अर्णब को लेकर जारी चेतावनी ने भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों ने दलहनी, तेलहनी और मटर छेमी की बुवाई फिलहाल टाल दी है।

खेत तैयार हैं, बीजोपचार भी हो चुका है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण किसान बुवाई शुरू करने से बच रहे हैं। किसानों को आशंका है कि बुवाई के बाद तेज बारिश हुई तो बीज सड़ सकते हैं और खेतों में जलजमाव से नुकसान हो सकता है।

खेत तैयार, बीजोपचार पूरा; मौसम की चेतावनी से थमे किसानों के कदम

शाहपुर प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रबी फसलों की बुवाई की तैयारी तेजी से चल रही थी। किसान खेतों की जुताई कर मसूर, तेलहन और मटर छेमी की बुवाई में जुटे थे।

कई किसानों ने बीजोपचार भी पूरा कर लिया था। इसी बीच चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की चेतावनी मिलने के बाद बुवाई की रफ्तार थम गई। अब किसान मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि बीजों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

भारी बारिश हुई तो बीज सड़ने और जलजमाव का खतरा

किसानों के अनुसार, बुवाई के तुरंत बाद भारी बारिश होने से खेतों में पानी जमा हो सकता है। इससे बीजों के सड़ने और अंकुरण प्रभावित होने का खतरा रहता है।

खासकर उन खेतों में नुकसान की आशंका अधिक है, जहां जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसान जल्दबाजी करने के बजाय मौसम की स्थिति देखकर ही बुवाई करने की योजना बना रहे हैं।

दियारा क्षेत्र में हजारों एकड़ खेत तैयार, बुवाई ठप

शाहपुर के दियारा क्षेत्र में हजारों एकड़ जमीन की जुताई कर खेतों को बुवाई के लिए तैयार कर लिया गया था। लेकिन चक्रवात के साथ भारी बारिश की आशंका ने किसानों की योजना पर विराम लगा दिया है।

किसानों का कहना है कि यदि मौसम प्रतिकूल बना रहा तो बुवाई में देरी हो सकती है। इसका असर रबी फसलों की खेती के पूरे चक्र पर पड़ने की आशंका है।

पहले बोए गए खेतों में हल्की बारिश फायदेमंद, अधिक पानी नुकसानदेह

किसानों के मुताबिक, जिन खेतों में पहले ही बुवाई हो चुकी है और बीज अंकुरित होने लगे हैं, वहां हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बनी रह सकती है।

इससे पौधों की शुरुआती बढ़वार में मदद मिल सकती है। हालांकि, अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचेगा। यही वजह है कि किसान मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर खेती से जुड़े फैसले ले रहे हैं।

धान की खड़ी फसल पर भी मंडरा रही नुकसान की आशंका

भारी बारिश की आशंका से किसानों की चिंता केवल रबी फसलों तक सीमित नहीं है। खेतों में खड़ी धान की फसल पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यदि तेज बारिश होती है तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, रबी फसलों की बुवाई में देरी होने पर आगे की कृषि गतिविधियों का समय भी प्रभावित हो सकता है। फिलहाल किसान मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

किसानों ने कहा, मौसम सामान्य होने के बाद ही करेंगे बुवाई

रामजी राय, बहोरनपुर ने बताया कि मसूर, तेलहन और मटर छेमी की बुवाई के लिए बीजोपचार कर लिया गया था। लेकिन अखबार के माध्यम से चक्रवात और बारिश की चेतावनी मिलने के बाद बुवाई टाल दी गई।

धनंजय पांडे, करनामेपुर के अनुसार, बुवाई के लिए खेत तैयार हो चुके हैं, लेकिन बारिश होने पर बीज खराब होने का खतरा है। इसलिए फिलहाल बुवाई रोक दी गई है।

मुन्ना राय, लिलारी ने बताया कि दलहनी फसल की बुवाई के लिए खेत पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, तूफान की चेतावनी के कारण बुवाई टालनी पड़ी है।

पप्पू राय, दामोदरपुर ने कहा कि दियारा क्षेत्र में हजारों एकड़ जमीन की जुताई कर बुवाई की तैयारी पूरी कर ली गई थी। लेकिन तूफान और भारी बारिश की आशंका के बाद बुवाई का काम ठप हो गया है।

फिलहाल शाहपुर क्षेत्र के किसान मौसम सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही वे दलहनी, तेलहनी और मटर छेमी की बुवाई दोबारा शुरू करने का फैसला लेंगे।