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आरा में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से मासूम की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Published: Fri, 08 May 2026 01:11 PM (IST)

तरारी के कुरमुरी गांव में मामूली सिर की चोट के बाद झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से आठ वर्षीय मासूम अर्जुन कुमार की मौत हो गई।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से आठ वर्षीय मासूम की मौत।

  2. मामूली सिर की चोट के इलाज के दौरान हुआ हादसा।

  3. भोजपुर के तरारी में परिवार और गांव में शोक।

जागरण संवाददाता, तरारी (आरा)। तरारी प्रखंड के कुरमुरी गांव में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। मामूली सिर की चोट के बाद इलाज के लिए ले जाए गए आठ वर्षीय मासूम अर्जुन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

मासूम की मौत के बाद पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर मां,बुआ और दादी के चीत्कार से दहल उठा। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

मृतक अर्जुन कुमार, अनील शर्मा का इकलौता पुत्र बताया जाता है। उसकी मां सरिता देवी बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थी, जबकि दादी शारदा कुंवर का करुण विलाप सुन हर कोई सन्न रह गया।

पिता अनील शर्मा मुंबई में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और घटना के समय वहीं थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार गुरुवार की शाम करीब छह बजे खेल-खेल में अर्जुन के सिर में चोट लग गई थी। इसके बाद उसके बड़े पिता सुनील शर्मा उसे गांव के नजदिकी बजार फतेहपुर में शिवम मेडिकल पर मौजूद झोलाछाप डॉक्टर संतोष कुमार के पास इलाज के लिए ले गए।

आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही अर्जुन की हालत बिगड़ने लगी। मासूम छटपटाने लगा और उसकी सांसें तेज हो गईं। यह देख वहां अफरातफरी मच गई।

परिजनों का कहना है कि स्थिति गंभीर होते देख उक्त डॉक्टर ने तुरंत कहीं और ले जाने की बात कही। इसके बाद परिवार के लोग अर्जुन को आनन-फानन में पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां डॉ. हमाद जाफर ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में मची चीख-पुकार

जैसे ही डॉक्टरों ने अर्जुन की मौत की पुष्टि की, अस्पताल परिसर मातम में बदल गया। मां और बुआ की चीखें और दादी की सिसकियां सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।

गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है। लोग मासूम की असमय मौत से स्तब्ध हैं और झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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