भोजपुर । सेव वाटर टू सेव ह्यूमानिटी कैंपेन के अंतर्गत जल संरक्षण हेतु यथार्थ, अवलि व सर्वहारा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कैथोलिक उच्च विद्यालय में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक भास्कर मिश्र ने कहा कि हम अपनी आदतों में बदलाव लाकर व्यक्तिगत स्तर पर जल संरक्षण कर सकते हैं। हमें छोटे गिलास और मग का प्रयोग करना चाहिए। वर्षा जल के संचयन के लिए भी हमें सरकारी व निजी स्तर पर ठोस प्रयास करना होगा। हमें अपने पड़ोसियों को भी जल संरक्षण की उपयोगिता के बारे में समझाना होगा। सह प्रशिक्षक अमितेष कुमार ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जल चक्र अव्यवस्थित हो गया है। इसका असर मनुष्य के अलावे जीव- जंतुओं व पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। बेतरतीब तरीके से हो रहे शहरीकरण व बढ़ती जनसंख्या से भी जल की मांग बढ़ रही है। सड़कों व नलियों के पक्कीकरण होने से स्थानीय स्तर पर वाटर लेवल रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। वर्षा जल आज की जरूरत है। सह प्रशिक्षक संजय कुमार ¨सह ने कहा कि जंगल का कटाव होने से दोहरा नुकसान हो रहा है। वाष्पीकरण न होने से वर्षा नहीं हो पाती है और भूमिगत जल सूखता जाता है। सह प्रशिक्षक प्रवीण शेखर ने यदि हम अभी से जल संरक्षण के लिए जागरूक नहीं हुए तो अगला विश्व युद्ध जल के लिए होगा। सह प्रशिक्षक गुंजेश शरण ने कहा कि अब तक जो शेष पानी बचा है, उसे संभलकर उपयोग करना होगा। आगत अतिथियों का स्वागत व परिचय के बाद विद्यालय के प्राचार्य फादर जोशी मैथियस ने सभी लोगों को जल के महत्व को समझना होगा। इस मौके पर फादर वास्को, प्रशांत कुमार, अनूप कुमार, जगदीश कुमार, अमरेन्द्र कुमार, फ्रेडिक माईकल, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, विनय ¨सह, इन्दु ¨सह, रूपम पांडेय, अविनाश ¨सह आदि थे।

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