बीच मझधार में ‘मांझी’ का जन्म; भोजपुर में नाव पर हुआ प्रसव, आश्रयस्थल पर बंटी मिठाइयां
भोजपुर के दामोदरपुर गांव में बाढ़ के बीच एक गर्भवती महिला ने नाव पर बच्चे को जन्म दिया। परिवार ने ...और पढ़ें

प्रसूता चांदी देवी के गोद मे नवजात शिशु मांझी और नाव जिसपर शिशु का हुआ जन्म। जागरण
HighLights
भोजपुर में बाढ़ के दौरान नाव पर बच्चे का जन्म।
नवजात का नाम 'मांझी' रखा गया, परिवार में खुशी।
आश्रयस्थल पर मिठाइयां बांटकर मनाई गई खुशियां।
दिलीप कुमार ओझा, शाहपुर (आरा)। बाढ़ की विभीषिका के बीच दामोदरपुर गांव में सोमवार की शाम करीब पांच बजे को उस समय खुशियों की किलकारी गूंज उठी, जब रविकांत पासवान की पत्नी चांदी देवी ने नाव में ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
लड़का होने की खुशी में नाव चलाने वाले सुनील बिंद व बिजली बिंद नाविकों ने नेग मांगना भी शुरू कर दिया। दोनों दंपति दामोदरपुर पंचायत के वार्ड संख्या आठ के रहने वाले हैं।
गर्भवती को नाव से ले जाया जा रहा था अस्पताल
चारों तरफ पानी और बाढ़ की मुश्किलों के बीच नाव पर बच्चे की किलकारी सुनकर परिवार के लोगों के चेहरे खिल उठे। बाद में आश्रयस्थल पर मौजूद बाढ़ पीड़ितों के बीच मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई गई।
जानकारी के अनुसार दामोदरपुर गांव निवासी कामेश्वर पासवान के घर की एक गर्भवती महिला को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। बाढ़ के कारण गांव से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा नाव ही थी।
गर्भवती को बेहतर इलाज और प्रसव के लिए शाहपुर ले जाने के उद्देश्य से नाव की व्यवस्था की गई। जवइनिया निवासी दिनेश यादव समेत अन्य लोग गर्भवती को लेकर नाव से शाहपुर की ओर रवाना हुए।
अस्पताल पहुंचने से पहले शिशु का जन्म
नाव अभी बीच मझधार में ही पहुंची थी कि प्रसव की पीड़ा काफी बढ़ गई। नाव पर मौजूद लोगों के सामने विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने नाव में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दे दिया।
इस दौरान नाव पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित प्रसव कराने में मदद की। जच्चा और बच्चा दोनों के स्वस्थ होने की जानकारी मिलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
नाव में बच्चे के जन्म लेने की खबर देखते ही देखते बाढ़ प्रभावित इलाकों में चर्चा का विषय बन गई। आश्रयस्थल पर पहुंचने के बाद परिवार के लोगों के साथ अन्य बाढ़ पीड़ितों ने भी इस खुशी को साझा किया।
दादा ने रखा बच्चे का नाम
लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं और नवजात को आशीर्वाद देने वालों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान किसी ने बच्चे के नाम को लेकर सवाल किया तो नवजात के दादा कामेश्वर पासवान ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘बाढ़ में नाव पर लइका भइल बा, त एकर नाम ‘मांझी’ धराइल।’
दादा द्वारा रखे गए इस नाम ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। बाढ़ की भयावहता व मझधार के बीच नाव में जन्मे इस बच्चे का नाम ‘मांझी’ अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बाढ़ ने जहां बड़ी संख्या में लोगों को घर-बार छोड़कर आश्रयस्थलों में रहने को मजबूर कर दिया है। वहीं इसी आपदा के बीच इस परिवार के घर आई नन्हीं खुशी ने कुछ पल के लिए लोगों को अपनी परेशानियां भुला दीं।
