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मृत्यु प्रमाण पत्र अब 24 घंटे में, वार्ड सदस्य बनेंगे अधिसूचक: बिहार में नया नियम लागू

Published: Thu, 02 Apr 2026 10:23 AM (IST)

सरकार ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब 24 घंटे के भीतर ...और पढ़ें

मृत्यु प्रमाण पत्र

मृत्यु प्रमाण पत्र

HighLights

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र अब 24 घंटे में जारी होगा।

  2. वार्ड सदस्य, पंच सदस्य अधिसूचक की भूमिका निभाएंगे।

  3. यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी हो गई है।

संवादसूत्र, उदवंतनगर(भोजपुर)। अब मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य कर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।

वार्ड सदस्य होंगे अधिसूचक

नई व्यवस्था के तहत वार्ड सदस्य, पंच सदस्य या वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के सचिव अधिसूचक की भूमिका निभाएंगे। इनके द्वारा निर्धारित प्रपत्र में सूचना देने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

हालांकि, पंचायत सचिव ही जन्म-मृत्यु के आधिकारिक रजिस्ट्रार बने रहेंगे।

1 अप्रैल से लागू हुआ नियम

यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी हो गई है। इसे ‘सात निश्चय-3’ के तहत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' योजना के अंतर्गत लागू किया गया है।

सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

मोक्षधाम के प्रभारी तय

ग्राम पंचायत में स्थित मोक्षधाम, श्मशान या कब्रिस्तान के संचालन की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।

जिस वार्ड में ये स्थल स्थित होंगे, वहां के वार्ड सदस्य, पंच सदस्य या समिति सचिव को प्रभारी बनाया जाएगा। एक से अधिक मोक्षधाम होने पर क्रमवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

प्रभारी की क्या होगी जिम्मेदारी

मोक्षधाम के प्रभारी को पंजीकरण से जुड़े सभी रिकॉर्ड का संधारण करना होगा। वे प्रारूप संख्या-2 में मृतक की पूरी जानकारी दर्ज करेंगे और परिजनों को प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएंगे।

साथ ही, संबंधित दस्तावेज पंचायत सचिव को समय पर देना भी अनिवार्य होगा।

24 घंटे में प्रमाण पत्र अनिवार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंत्येष्टि के 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना जरूरी होगा।

इसके लिए अधिसूचक द्वारा समय पर सूचना देना अनिवार्य किया गया है। इससे मृत्यु पंजीकरण का प्रतिशत भी बढ़ेगा।

पदाधिकारी ने बताया लाभ

यह व्यवस्था पूरी तरह जनहित में है। इससे न केवल सही आंकड़े मिलेंगे, बल्कि लोगों को समय पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी उपलब्ध हो सकेगा।

कर्पूरी ठाकुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी