आरा में साइको किलर रोहित तिवारी के पैसों का राज खोलेगी रेल पुलिस, गांव के बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन पर नजर
ट्रेनों में छिनतई के आरोप में गिरफ्तार रोहित तिवारी उर्फ साइको किलर के मामले में रेल पुलिस अब पैसों के ...और पढ़ें

आरा रेल थाना
HighLights
रेल पुलिस रोहित तिवारी के पैसों के लेनदेन की जांच में जुटी।
साइको किलर ने कथित तौर पर गांव के युवकों के खाते इस्तेमाल किए।
पुलिस यूपीआई और बैंक ट्रांजेक्शन का ब्योरा खंगाल रही है।
जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। ट्रेनों में यात्रियों से छिनतई के आरोप में गिरफ्तार बरिसवन निवासी रोहित तिवारी उर्फ साइको किलर के मामले में रेल पुलिस ने अब पैसों के लेनदेन की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी हैं।
जांच में सामने आया है कि वह कथित तौर पर अपने नाम के खाते के बजाय गांव के कुछ युवकों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
गांव के युवकों के खातों पर क्यों टिकी नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रोहित तिवारी से जुड़े पैसों के लेनदेन में बरिसवन और आसपास के कुछ युवकों के खाते सामने आए हैं।
जांच में गांव के एक युवक के खाते से अपेक्षाकृत अधिक लेनदेन की जानकारी मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में रकम किस स्रोत से आई और बाद में उसका इस्तेमाल कैसे किया गया।
UPI और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच
जीआरपी की जांच का मुख्य फोकस बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन पर है। पुलिस संदिग्ध खातों के बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई भुगतान और अन्य वित्तीय गतिविधियों का ब्योरा जुटा रही है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि यात्रियों से कथित तौर पर छीनी गई रकम या सामान के बाद पैसे को किस माध्यम से दूसरे खातों तक पहुंचाया जाता था।
यात्रियों से लूट के आरोपों की भी जांच
पुलिस के अनुसार, रोहित तिवारी के खिलाफ ट्रेनों में यात्रियों से सामान छीनने के कई आरोप सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वारदातों के बाद रकम या सामान का निपटारा किस तरह किया जाता था।
खातों में रकम आने के बाद कहां गई?
रेल पुलिस अब यह भी जांच रही है कि रोहित तिवारी ने किन-किन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। खातों में रकम आने के बाद उसे नकद निकाला गया या किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। संदिग्ध खाताधारकों से पूछताछ कर पुलिस लेनदेन की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।
