भोजपुर में 'वाशर-बोल्ट' की आड़ में सिक्कों का खेल: पिकअप से मिले 29 बोरे, 13.91 लाख रुपये के सिक्के जब्त
पुलिस ने आरा-सासाराम हाईवे पर एक पिकअप से 29 बोरे सिक्के जब्त किए, जिनकी कीमत 13.91 लाख रुपये है। वाशर-बोल्ट ...और पढ़ें

पिकअप में निकले सिक्कों के 29 बोरे
HighLights
आरा-सासाराम हाईवे पर 29 बोरे सिक्के बरामद।
13.91 लाख रुपये के सिक्के, चालक गिरफ्तार।
सिक्कों के स्रोत और उद्देश्य की जांच जारी।
जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। आरा-सासाराम हाईवे पर पुलिस ने एक पिकअप से 29 बोरा सिक्के बरामद कर बड़ा खुलासा किया है। हसन बाजार थाना क्षेत्र के सहेजनी के पास पकड़े गए वाहन में रखे सभी बोरे सिक्कों से भरे थे।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में गिनती कराई गई तो कुल 13 लाख 91 हजार 775 रुपये के सिक्के मिले। मामले में पुलिस ने पिकअप चालक मो. मनोज गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
वाशर-बोल्ट का बिल, पिकअप में निकले सिक्कों के 29 बोरे
पुलिस जांच में सामने आया कि पिकअप के साथ जो बिल और ट्रांसपोर्ट के कागजात मिले, उनमें सामान के रूप में हार्डवेयर वाशर-बोल्ट दर्ज था।
लेकिन वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें वाशर-बोल्ट की जगह सिक्कों से भरे 29 बोरे मिले। इसके बाद पुलिस ने पिकअप जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
डेहरी से चला पिकअप, पटना के परेव तक जाना था सिक्कों का खेप
पूछताछ में पता चला कि सिक्कों की खेप रोहतास के डेहरी आन सोन से पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के परेव ले जाई जा रही थी।
रास्ते में सहेजनी के पास पुलिस ने संदेह के आधार पर पिकअप को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान सिक्कों की बड़ी खेप देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
गिनती हुई तो सामने आया 13.91 लाख का हिसाब
पुलिस ने बरामद सिक्कों की गिनती मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराई। गिनती पूरी होने पर कुल 13 लाख 91 हजार 775 रुपये के सिक्के मिले। पुलिस के अनुसार सभी सिक्के पांच रुपये के हैं और इनमें नए-पुराने दोनों तरह के सिक्के शामिल हैं।
कौन है सिक्कों का असली मालिक? चालक से पूछताछ तेज
गिरफ्तार चालक मो. मनोज गुप्ता बक्सर जिले के राजपुर क्षेत्र का मूल निवासी बताया गया है और वर्तमान में रोहतास के बिक्रमगंज में रहता है।
पुलिस अब उससे पूछताछ कर सिक्कों के असली मालिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिक्कों को इस तरह क्यों और कहां ले जाया जा रहा था।
परेव से क्या है कनेक्शन? जांच में जुटी पुलिस
पीरो डीएसपी कन्हैया कुमार के अनुसार प्रारंभिक जांच में सिक्कों को वाशर-बोल्ट की आड़ में ट्रांसपोर्ट के जरिए परेव ले जाने की बात सामने आई है।
पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों और सिक्कों की खेप के स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है।
आयकर विभाग को भी दी गई सूचना, खंगाला जाएगा पूरा नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम के सिक्के कहां से आए और इनके पीछे कौन लोग हैं। जांच में सिक्कों के स्रोत से लेकर उन्हें पटना ले जाने की वजह तक कई पहलुओं को शामिल किया गया है।
परेव में बनते हैं तांबा-कांसा समेत कई धातुओं के बर्तन
पटना जिले का परेव बर्तन उद्योग के लिए जाना जाता है। यहां तांबा, कांसा, जस्ता और एल्युमिनियम समेत कई धातुओं के बर्तन बनाए जाते हैं।
ऐसे में सिक्कों की खेप का परेव तक पहुंचना जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि 29 बोरे सिक्कों को वहां किस काम के लिए ले जाया जा रहा था।
