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'11 मुल्कों की पुलिस...' वाला फिल्मी डायलॉग याद दिलाता मामला, 3 राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहा भोजपुर का संदिग्ध

Published: Tue, 15 Sep 2026 03:30 PM (IST)

भोजपुर का एक संदिग्ध, रोहित तिवारी, ट्रेन में यात्रियों को लूटकर चलती ट्रेन से फेंकने के आरोप में तीन राज्यों ...और पढ़ें

ट्रेन में यात्रि‍यों को न‍िशाना बनाने वाले अपराधी की तलाश तेज। सांकेत‍िक तस्‍वीर

ट्रेन में यात्रि‍यों को न‍िशाना बनाने वाले अपराधी की तलाश तेज। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. भोजपुर का संदिग्ध तीन राज्यों की पुलिस की तलाश में।

  2. ट्रेन में यात्रियों को लूटकर चलती ट्रेन से नीचे फेंकता था।

  3. पुलिस जैसी वर्दी पहनकर यात्रियों को झांसे में लेता था।

जागरण संवाददाता, आरा। फिल्मों में आपने अक्सर यह संवाद सुना होगा कि किसी अपराधी को ‘11 मुल्कों की पुलिस खोज रही है।’ कुछ ऐसा ही मामला भोजपुर से जुड़ा सामने आया है।

ट्रेन में यात्रियों को झांसे में लेकर उनका सामान लूटने और फिर उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक देने के आरोप में एक संदिग्ध को तीन राज्यों की पुलिस तलाश रही है।

आरा जिले का शाहपुर निवासी बरिसवन निवासी रोहित तिवारी बताए जा रहे इस व्यक्ति की तलाश में जीआरपी और आरपीएफ की टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं।

पुलिस की वर्दी जैसा पहनावा बनाता है पहचान छिपाने का हथियार

जानकारी के अनुसार, संदिग्ध का नेटवर्क या गतिविधियां आरा जंक्शन से लेकर पटना, बक्सर, डीडीयू और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक देखी गई हैं।

बिहार के अलावा मध्य प्रदेश में भी उसके दिखाई देने की सूचना पुलिस को मिली है। उसकी तलाश में करीब 11 थाना क्षेत्रों की पुलिस के स्तर से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की वर्दी जैसा पहनावा, जूते भी खास

तलाश किए जा रहे, संदिग्ध के पहनावे को लेकर पुलिस के पास अहम जानकारी है। बताया जाता है कि वह नीचे पुलिस की वर्दी जैसी पैंट और पुलिस के जूते पहनता है, जबकि ऊपर सामान्य टी-शर्ट रखता है।

इस तरह के पहनावे के कारण वह आम यात्रियों के बीच आसानी से घुल-मिल जाता है। पुलिस उसके हुलिये और पूर्व की घटनाओं के आधार पर संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही है।

पहले दोस्ती, फिर गेट तक ले जाकर वारदात

रेल पुलिस सूत्रों के अनुसार संदिग्ध ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को बातचीत और भरोसे में लेकर अपने झांसे में फंसाता है। इसके बाद उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाता है।

मौका मिलते ही यात्री का सामान अपने कब्जे में लेने के बाद उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक देता है। इस तरह की घटनाओं में कई यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने तथा कुछ की मौत होने की बात सामने आ रही है।

हालांकि पुलिस इन घटनाओं में उसकी संलिप्तता की पुष्टि साक्ष्यों और जांच के आधार पर कर रही है। बताया जाता है कि संदिग्ध पूर्व में बक्सर में एक मामले में जेल भी जा चुका है।

जेल जाने के बाद उसे जमानत मिली, लेकिन उसे छुड़ाने के लिए कोई परिजन या अन्य व्यक्ति सामने नहीं आया। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और जेल से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाल रही है।

पटना से जबलपुर तक कैमरों में तलाश

पुलिस की निगाह पटना के गांधी मैदान, पटना जंक्शन, आरा जंक्शन, बक्सर, डीडीयू और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक है। कुछ दिन पहले इन स्थानों पर उसके देखे जाने की सूचना पुलिस को मिली थी।

इसके बाद संबंधित थाना और रेल पुलिस को अलर्ट किया गया है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर भी उसके आवागमन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस को चकमा देने में माहिर

जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार, संदिग्ध लगातार अपना ठिकाना बदलता है और पुलिस की निगरानी से बचने की कोशिश करता है। इसी कारण उसे पकड़ना चुनौती बना हुआ है।

पुलिस तीन राज्यों में उसके संभावित ठिकानों, पुराने संपर्कों और आवागमन के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। रेल पुलिस का कहना है कि यात्रियों को ऐसे अनजान लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर चलती ट्रेन में किसी अपरिचित के कहने पर गेट या सुनसान हिस्से में जाने से बचना चाहिए।