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भोजपुर में 9 थानों के थानेदार बदले, एसपी ने किया फेरबदल; किसे मिली किस थाने की कमान, देखें लिस्ट

Published: Mon, 07 Sep 2026 08:52 AM (IST)

भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 11 पुलिस अधिकारियों का ...और पढ़ें

पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते एसपी अवधेश दीक्षित।

पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते एसपी अवधेश दीक्षित।

HighLights

  1. एसपी अवधेश दीक्षित ने 11 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया।

  2. नौ थानों में नए थानेदारों की तैनाती की गई।

  3. अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था सुधारना मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर जिले में बड़ा फेरबदल किया है।

एसपी ने नौ थानों में नए थानेदारों की तैनाती करते हुए कुल 11 पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इसमें कई थानेदारों को दूसरे थानों की कमान सौंपी गई है, जबकि डीआईयू और पर्यवेक्षी पदाधिकारी के स्तर पर भी बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, कोईलवर थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी पुलिस निरीक्षक आशीष कुमार साह को जगदीशपुर थानाध्यक्ष बनाया गया है।

नवादा थाने की जिम्मेदारी रजनीकांत को

वहीं डीआईयू के प्रभारी पुलिस निरीक्षक कुमार रजनीकांत को नवादा थाना की जिम्मेदारी दी गई है। नवादा थानाध्यक्ष विपिन बिहारी को बिहिया थानाध्यक्ष बनाया गया है।

इसी तरह कोईलवर थानाध्यक्ष नरोत्तम चन्द्र को पीरो थाना की कमान मिली है। ईमादपुर थानाध्यक्ष सुनीत कुमार सिंह को चांदी थानाध्यक्ष बनाया गया है। पुलिस केंद्र में पदस्थापित सुशांत कुमार मंडल को कोईलवर थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चांदी थानाध्यक्ष राकेश कुमार रौशन को डीआईयू भोजपुर का प्रभारी बनाया गया है। वहीं चौरी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह को ईमादपुर थानाध्यक्ष बनाया गया है। पीरो थानाध्यक्ष दीपक कुमार साह को कोईलवर थाना का पर्यवेक्षी पदाधिकारी बनाया गया है।

इसके अलावा बिहिया थानाध्यक्ष पुअनि सुन्देश्वर कुमार दास को गजराजगंज थानाध्यक्ष बनाया गया है। गजराजगंज के अपर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह को चौरी थाना का थानाध्यक्ष बनाया गया है।

अपराध नियंत्रण पर रहेगा फोकस

एसपी अवधेश दीक्षित के इस फेरबदल को जिले में पुलिसिंग को और चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के निष्पादन, विधि-व्यवस्था और सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर नए पदाधिकारियों से बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा की गई है। थानों में नए अधिकारियों की तैनाती के बाद आने वाले दिनों में पुलिसिंग की कार्यशैली में भी बदलाव दिखने की उम्मीद है।