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भोजपुर के 48 गांवों की बदलेगी तस्वीर, केंद्र की PMAJAY योजना से मिलेगी विकास को नई रफ्तार

Published: Sat, 29 Aug 2026 07:00 AM (IST)

भोजपुर जिले के 48 अनुसूचित जाति बहुल गांवों का चयन प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत विकास के लिए किया गया है।

भोजपुर के 48 गांवों की बदलेगी तस्वीर (AI Generated Image)

भोजपुर के 48 गांवों की बदलेगी तस्वीर (AI Generated Image)

HighLights

  1. भोजपुर के 48 अनुसूचित जाति बहुल गांव चयनित।

  2. पीएम-अजय योजना के तहत होगा सर्वांगीण विकास।

  3. शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका पर विशेष जोर।

संवाद सूत्र, उदवंतनगर (आरा)। भोजपुर के अनुसूचित जाति बहुल 48 गांवों की तस्वीर अब बदलने की तैयारी है। इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक काम कराया जाएगा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के आदर्श ग्राम घटक के तहत इन गांवों का चयन किया गया है।

योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देना और गरीबी कम करना है। चयनित गांवों में विकास के लिए 50 सामाजिक-आर्थिक मानकों को आधार बनाया जाएगा। नाली, गली और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

वहीं, ग्रामीणों को आजीविका से जोड़ने के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार और स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

14 प्रखंडों के गांव होंगे लाभान्वित

भोजपुर जिले के 14 प्रखंडों से कुल 48 गांवों का चयन किया गया है। योजना के लिए इन गांवों में 11,180 घरों का हाउसहोल्ड सर्वे कराया जा चुका है। पूर्व में सरकारी कर्मियों को सर्वेक्षण की जिम्मेदारी दी गई थी, जिन्होंने गांव-गांव जाकर परिवारों और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई।

बिहार के 3021 गांव योजना में शामिल

पीएम-अजय योजना के आदर्श ग्राम घटक के तहत बिहार के 38 जिलों में कुल 3021 गांवों का चयन किया गया है। वहीं, पूरे देश में 47,328 गांव योजना के लिए चयनित किए गए हैं। योजना के तहत चयनित गांवों में विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

शिक्षा से रोजगार तक पर रहेगा फोकस

चयनित गांवों में केवल सड़क और नाली जैसी आधारभूत सुविधाओं तक ही विकास कार्य सीमित नहीं रहेगा। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और आजीविका से जोड़ने की योजना है। छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण, साक्षरता दर बढ़ाने तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भी कार्य किए जाएंगे।

क्या कहती हैं बीडीओ?

उदवंतनगर बीडीओ अनुराधा ने बताया कि प्रधानमंत्री अजय योजना के तहत भोजपुर के अनुसूचित जाति बहुल 48 गांवों का चयन किया गया है। उदवंतनगर प्रखंड के बसौरी और पकड़ियाबर गांव भी इसमें शामिल हैं। चयनित गांवों में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ गरीबी कम करने, कौशल विकास, आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने, छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण और साक्षरता दर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

ये गांव हुए हैं चयनित

  • बड़हरा: तुर्की, देवरथ
  • आरा: सिंह टोला, बस मानपुर, उदयपुर, बभनौली, तेनुआ
  • शाहपुर: मानसिंहपुर, गरेया दिलमानपुर, डुमरिया
  • बिहिया: कनेला, रामपुर, नारायणपुर, कुंअरदह, दलपतपुर
  • पीरो: सुगीबल, बधउं, महवरी
  • सहार: मथुरापुर, नीमा, हरपुर, बंसीडिहरी, खैरा
  • जगदीशपुर: बलुआही, मजबूर, मंझपुर
  • तरारी: नोनाडीह, अमहरूहां, पड़रिया, इटिम्हा, नारायणपुर, बंधवा
  • चरपोखरी: सहसपुरा, मधुरी
  • संदेश: सलेमपुर, पटखौलिया
  • उदवंतनगर: बसौरी, पकड़ियाबर
  • अगिआंव: मिश्रौलिया, नरौनी, बनकट
  • गड़हनी: रतनपुर, चांदी, लभुआनी
  • कोईलवर: कोसीहान, बिशनपुर, भोपतपुर