भोजपुर जिले में किरायेदारों की कुंडली खंगालेगी पुलिस, निजी छात्रावास भी रडार पर; SP ने दिया आदेश
भोजपुर पुलिस अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए किरायेदारों, निजी छात्रावासों और लॉज में रहने वाले लोगों का सत्यापन करेगी।

भोजपुर जिले में किरायेदारों की कुंडली खंगालेगी पुलिस, निजी छात्रावास भी रडार पर
HighLights
किरायेदारों और निजी छात्रावासों में रहने वालों का सत्यापन होगा।
अपराध नियंत्रण हेतु संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की पहल।
मकान मालिकों को किरायेदार सत्यापन के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
दीपक, आरा। शहर में किराये के मकान में रहकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले तत्वों की पहचान करना आने वाले दिनों में आसान होगा। अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भोजपुर पुलिस नए सिरे से किरायेदारों के साथ निजी छात्रावासों, लाज और सराय में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराएगी।
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के निर्देश पर इस दिशा में पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत किराये पर रहने वाले लोगों के पहचान पत्र की जांच करने के साथ उनके मूल निवास और किराये पर रहने के उद्देश्य की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस की ओर से मकान मालिकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
उन्हें किराये पर मकान देने से पहले संबंधित व्यक्ति का पहचान पत्र और अन्य जरूरी विवरण प्राप्त करने तथा उसका सत्यापन कराने के लिए जागरूक किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य शहर में रह रहे लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ अपराधियों के सुरक्षित ठिकानों पर अंकुश लगाना है।

बता दें कि वर्ष 2025 के जनवरी माह में भी तत्कालीन एसपी राज ने भी यह पहल शुरू की थी तथा लोगों को किराए पर कमरा देने से पहले लोगों से सत्यापन करने की अपील की थी। इस दौरान सेक्टरवाइज कुछ महीनों तक सत्यापन कार्य भी चला था।
इधर, 15 अक्टूबर की सुबह आरा में हुए पूर्व अफसर रामकुमार सिंह हत्याकांड में शामिल एक शूटर के जगदेवनगर मोहल्ला स्थित एक निजी छात्रावास में शरण लेकर रहने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है।
इसके अलावा, पिछले दिनों नूतन छात्रावास में छापेमारी कर हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया गया था। इस दौरान अवैध हथियारों के साथ छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से अधिकांश अनधिकृत रूप से छात्रावास में रहते पाए गए थे।
किराये के मकानों में छिपकर अपराध करने वालों पर नजर
पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में किराये के मकानों में रहने वाले कुछ लोगों की संलिप्तता हत्या, लूटपाट, छिनतई, अवैध हथियार रखने और शराब तस्करी जैसी घटनाओं में सामने आई है।
इसके अलावा दूसरे स्थानों से आकर शहर में ठहरने वाले कुछ अपराधी किराये के मकानों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए करते हैं। ऐसे में किरायेदारों का सत्यापन अपराध की रोकथाम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरा में हाल में किराये पर रहकर छिनतई करने वाले गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी और साइबर ठगी के मामलों में आरोपितों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस इस दिशा में निगरानी और मजबूत करना चाहती है।
मकान मालिकों और छात्रावास संचालकों को भी निर्देश
सत्यापन के दौरान किरायेदारों के पहचान पत्र, स्थायी पते और अन्य आवश्यक जानकारियों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति के मूल निवास के क्षेत्र की पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।
इस अभियान के तहत मकान मालिकों के साथ निजी छात्रावास और लाज संचालकों को भी अपने यहां रहने वाले लोगों का पूरा विवरण रखने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
शहर में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए किरायेदारों के साथ निजी छात्रावासों, लॉज और गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराया जाएगा। पहचान पत्र, स्थायी पते और किराये पर रहने के उद्देश्य की जांच की जाएगी, ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। - अवधेश दीक्षित, एसपी, भोजपुर
