विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अब अपराधियों की खैर नहीं, पुलिस को मिला चलंत फोरेंसिक वाहन; घटनास्थल पर ही शुरू होगी वैज्ञानिक जांच

Published: Sat, 20 Dec 2025 04:35 PM (GMT+05:30)

आरा में अपराध करने के बाद अपराधियों का बचना मुश्किल होगा। पुलिस को त्वरित जांच के लिए चलंत फोरेंसिक वाहन ...और पढ़ें

पुलिस को मिला चलंत फोरेंसिक वाहन

पुलिस को मिला चलंत फोरेंसिक वाहन

HighLights

  1. पुलिस को मिला आधुनिक चलंत फोरेंसिक वाहन

  2. घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच होगी शुरू

  3. अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मिलेगी मदद

जागरण संवाददाता, आरा। जिले में वारदात करने के बाद अब अपराधी बच नहीं सकते हैं। पुलिस को अब त्वरित जांच के लिए चलंत फोरेंसिक वाहन मिल गया है। इससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू की जा सकेगी।

18 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अब किसी अपराध की सूचना मिलते ही मोबाइल फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचेगी और वहीं जांच प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। 

इससे पहले अपराध होने के बाद घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर फॉरेंसिक लैब भेजने में काफी समय लग जाता था। इस देरी के कारण पीड़ित परिवारों में असंतोष बना रहता था और जांच प्रभावित होती थी। 

अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद

चलंत फोरेंसिक वाहन के माध्यम से मौके पर ही साक्ष्य संकलन, प्राथमिक जांच और वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा। इससे न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी मदद मिलेगी।

चलंत फोरेंसिक वाहन में अपराध की त्वरित और वैज्ञानिक जांच के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस वाहन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संकलन और प्राथमिक जांच संभव होगी। 

वीडियो डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम भी शामिल 

चलंत फोरेंसिक वाहन में डीएनए सैंपल कलेक्शन किट, फिंगरप्रिंट एवं फुटप्रिंट लिफ्टिंग सिस्टम, साइबर फोरेंसिक टूल्स, दस्तावेज परीक्षण उपकरण, रक्त एवं अन्य शारीरिक द्रव संग्रह साधन उपलब्ध हैं। इसके अलावा विस्फोटक जांच किट, ड्रग डिटेक्शन किट, उच्च गुणवत्ता वाला कैमरा तथा वीडियो डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम भी शामिल किया गया है। 

इन सुविधाओं के जरिए अब अपराध स्थल से साक्ष्य सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किए जा सकेंगे। इससे जांच में देरी कम होगी और अपराधियों तक तेजी से पहुंचने में पुलिस को मदद मिलेगी। चलंत फोरेंसिक वाहन से जिले में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।