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आपकी जमीन का रिकॉर्ड अब नए सिरे से बनेगा, भोजपुर के 10 गांवों में खानापूरी शुरू; जरूर कर लें ये काम

Published: Tue, 15 Sep 2026 01:47 PM (IST)

भोजपुर में विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत 10 राजस्व ग्रामों में खानापूरी का काम शुरू हो गया है, जिससे जमीन ...और पढ़ें

गड़हनी में खानापूरी कार्य की जानकारी लेते बंदोबस्त पदाधिकारी। सौ: विभाग

गड़हनी में खानापूरी कार्य की जानकारी लेते बंदोबस्त पदाधिकारी। सौ: विभाग

HighLights

  1. भोजपुर के 10 गांवों में विशेष भूमि सर्वेक्षण की खानापूरी शुरू।

  2. किसानों को खानापूरी पर्चा में अपनी जमीन का विवरण जांचना होगा।

  3. गलती मिलने पर दावा-आपत्ति दर्ज करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर में विशेष भूमि सर्वेक्षण अब जमीन के अधिकार अभिलेख तैयार करने के महत्वपूर्ण चरण खानापूरी में पहुंच गया है।

जिले के 10 राजस्व ग्रामों में खानापूरी का काम शुरू किया गया है। इनमें तरारी, चरपोखरी और उदवंतनगर के तीन-तीन तथा पीरो का एक राजस्व ग्राम शामिल है।

खानापूरी के दौरान सर्वेक्षण से तैयार नक्शे के आधार पर खेसरा नंबरों को क्रमवार दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही जमीन के रैयत, खेसरा, रकबा, दखल-कब्जा समेत अन्य जरूरी विवरण अभिलेख में दर्ज किए जाते हैं। यह खतियान के प्रारंभिक अभिलेख लेखन का महत्वपूर्ण चरण है।

किसान ध्यान दें, खानापूरी में जरूर जांच लें जमीन का विवरण

खानापूरी का चरण जमीन मालिकों और रैयतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान तैयार होने वाले खानापूरी पर्चा में दर्ज अपनी जमीन से संबंधित सभी विवरणों की किसान जांच कर सकते हैं।

यदि किसी प्रविष्टि में गलती मिलती है तो नियमानुसार दावा-आपत्ति या आक्षेप दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

किसानों को अपने खाता, खेसरा, रकबा, रैयत या मालिक का नाम और जमीन पर दखल-कब्जे से संबंधित जानकारी की जांच करनी चाहिए। पुराने राजस्व अभिलेख और नक्शे से भी जमीन के विवरण का मिलान करना जरूरी है।

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से खानापूरी पर्चा और खेसरावार मानचित्र देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। किसान इन अभिलेखों को देखकर आवश्यक होने पर दावा-आक्षेप दर्ज कर सकते हैं।

मौके पर मौजूद रहें किसान, जरूरत पड़ने पर दिखाएं कागजात

बंदोबस्त पदाधिकारी नीरज कुमार दास ने किसानों से खानापूरी के दौरान मौके पर मौजूद रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर किसान जमीन से संबंधित जरूरी कागजात सर्वे कर्मियों को उपलब्ध कराएं या दिखाएं, ताकि अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया में सही जानकारी दर्ज हो सके।

13.24 लाख स्व-घोषणा पत्र हो चुके अपलोड

भोजपुर में विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत स्व-घोषणा पत्र अपलोड करने का काम भी बड़े स्तर पर पूरा हो चुका है। जिले में अब तक 13,24,109 स्व-घोषणा पत्र अपलोड किए जा चुके हैं।

जिले में कुल 1,159 राजस्व ग्राम हैं। सभी राजस्व ग्रामों में त्रिसीमाना निर्धारण और ग्राम सीमा सत्यापन की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

341 गांवों में किस्तवार शुरू, 235 में पूरा

विशेष सर्वेक्षण के तहत जिले के 341 राजस्व ग्रामों में किस्तवार का काम शुरू हो चुका है। इनमें 235 राजस्व ग्रामों में किस्तवार कार्य पूरा भी कर लिया गया है। अब इन गांवों में सर्वेक्षण की अगली प्रक्रिया खानापूरी की ओर बढ़ रही है।

किस्तवार के बाद खानापूरी और आगे अधिकार अभिलेख तैयार होने से जमीन के स्वामित्व एवं कब्जे से संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाएगा। इससे भविष्य में जमीन से जुड़े विवादों के निपटारे और राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

अंचलवार स्थिति

अंचल राजस्व ग्राम स्व-घोषणा पत्र किस्तवार शुरू
सहार 56 1,04,921 18
अगिआंव 72 1,14,631 11
कोईलवर 68 1,38,035 29
तरारी 115 1,07,695 38
पीरो 104 86,180 37
आरा सदर 106 1,02,030 28
चरपोखरी 90 67,819 29
संदेश 54 92,662 11
जगदीशपुर 88 98,361 9
बड़हरा 73 90,792 21
गड़हनी 50 50,230 47
बिहिया 98 78,618 17
शाहपुर 109 84,512 18
उदवंतनगर 76 1,07,623 28
कुल 1,159 13,24,109 341