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हेरोइन तस्करी का फैमिली सिंडिकेट: पत्नी, मां और भाइयों के साथ चला रहा था धंधा, दंपती के खातों में मिले 46.64 लाख रुपये

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:27 AM (IST)

भोजपुर पुलिस ने हेरोइन तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें मुख्य आरोपी वीर बहादुर पासवान और ...और पढ़ें

पत्नी, मां और भाइयों की भूमिका की जांच

पत्नी, मां और भाइयों की भूमिका की जांच

HighLights

  1. 1.36 किलो हेरोइन और लाखों रुपये नकद जब्त।

  2. मुख्य आरोपी वीर बहादुर पासवान समेत चार गिरफ्तार।

  3. दंपती के बैंक खातों में 46.64 लाख रुपये मिले।

जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। भोजपुर जिले के नवादा थाना क्षेत्र में हेरोइन बरामदगी के मामले में पुलिस ने कथित तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। पावरगंज-बहीरो सूर्य मंदिर के समीप से एक किलो 36 ग्राम हेरोइन बरामद होने के मामले में अंतरजिला तस्कर वीर बहादुर पासवान समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से हेरोइन के अलावा एक लीटर रासायनिक पदार्थ, 40.36 ग्राम सोने के गहने और 2.98 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

इस मामले में कुल 10 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में परिवार के अन्य सदस्यों की कथित संलिप्तता और तस्करी से अर्जित संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। एसपी अवधेश दीक्षित ने मंगलवार को मामले की जानकारी दी।

पत्नी, मां और भाइयों की भूमिका की जांच

दारोगा सचिन कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में बबुरा थाना क्षेत्र के बबुरा गांव निवासी वीर बहादुर पासवान उर्फ बहादुर पासवान, उसकी पत्नी आशा देवी, भाई अजय पासवान उर्फ कलक्टर पासवान और पवन पासवान के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा रामानंद पासवान की पत्नी फुदेना देवी, गौसगंज-गांगी निवासी छठू पासवान, उसके भाई बाढ़ू पासवान उर्फ रंजीत पासवान, संदीप पासवान, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घेघटा निवासी कमलेश पासवान और एक अज्ञात मोबाइल धारक को आरोपित बनाया गया है।

पुलिस ने वीर बहादुर पासवान, फुदेना देवी, संदीप पासवान और कमलेश पासवान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फुदेना देवी मुख्य आरोपित की मां हैं, जबकि कमलेश पासवान उसका बहनोई बताया जा रहा है। अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच जारी है।

थैले में मिली एक किलो से अधिक हेरोइन

पुलिस के अनुसार, सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर पावरगंज-बहीरो सूर्य मंदिर के समीप छापेमारी की गई थी। इस दौरान वीर बहादुर पासवान को थैले में रखी एक किलो 36 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। तलाशी में हेरोइन में मिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक लीटर रासायनिक पदार्थ और सोने की चेन भी बरामद हुई।

पुलिस ने मामले में जब्त सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया है। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपित से पूछताछ की और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई। इसी आधार पर मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की पड़ताल तेज की गई है।

10-12 साल से तस्करी में शामिल होने की बात

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वीर बहादुर पासवान ने कथित तौर पर 10 से 12 वर्षों से हेरोइन तस्करी में शामिल होने की बात कही।

उसने गौसगंज-गांगी निवासी छठू पासवान, बाढ़ू पासवान और संदीप पासवान के साथ मिलकर धंधा करने की जानकारी दी।

आरोपित के मुताबिक, रेलवे स्टेशन के समीप एक मोबाइल धारक व्यक्ति ने उसे हेरोइन की खेप दी थी। पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान करने और खेप की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मादक पदार्थ कहां से लाया जाता था और उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

दूसरे राज्यों से हेरोइन लाने का भी आरोप

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में वीर बहादुर ने अपनी पत्नी आशा देवी, भाइयों अजय पासवान और पवन पासवान तथा मां फुदेना देवी की कथित संलिप्तता की बात कही।

उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी दूसरे राज्यों से भी छिपाकर हेरोइन लाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच अभी पुलिस कर रही है।

वीर बहादुर ने कथित तौर पर यह भी बताया कि हेरोइन की बिक्री से हुई कमाई से उसने सोने की चेन बनवाई थी। पुलिस बरामद गहनों और अन्य संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

बहनोई के घर छिपाकर रखे थे करीब तीन लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, वीर बहादुर ने पूछताछ में बताया कि तस्करी से अर्जित करीब तीन लाख रुपये उसने अपने बहनोई कमलेश पासवान के घेघटा स्थित घर में छिपाकर रखे थे।

इसके बदले कमलेश को 10 हजार से 20 हजार रुपये देने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर वहां से नकदी बरामद की।

बरामद रकम को मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त नकदी का स्रोत क्या है और इसका हेरोइन की कथित बिक्री से कोई संबंध है या नहीं। साथ ही, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

दंपती के बैंक खातों में मिले 46.64 लाख रुपये

हेरोइन तस्करी के मामले में पुलिस की जांच अब बैंक खातों और कथित अवैध कमाई तक पहुंच गई है। प्रारंभिक जांच में वीर बहादुर पासवान और उसकी आरोपित पत्नी आशा देवी के अलग-अलग बैंक खातों में कुल 46.64 लाख रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, बबुरा स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा में आशा देवी के खाते में करीब 46 लाख रुपये, जबकि वीर बहादुर के खाते में 64 हजार रुपये मिले हैं।

एसपी ने संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आरा में दंपती के अन्य संभावित बैंक खातों का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस इन खातों में जमा रकम के स्रोत और तस्करी से संभावित संबंध की जांच कर रही है।

बहीरो में जमीन और निर्माणाधीन मकान की भी जांच

पुलिस अब कथित तस्करी से अर्जित संपत्ति का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में बहीरो में जमीन और एक निर्माणाधीन मकान होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अंचल कार्यालय के माध्यम से जमीन और अन्य संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपत्तियां कब खरीदी गईं, उनके लिए धन कहां से आया और क्या उनका संबंध मादक पदार्थों की कथित बिक्री से है।

बैंक खातों में मिली रकम के साथ संपत्ति की जानकारी का भी मिलान किया जाएगा। साक्ष्य मिलने पर संबंधित संपत्तियों के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

सूखे मेवे की फेरी की आड़ में धंधा करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, वीर बहादुर पासवान अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए लोगों के बीच सूखे मेवे और मसालों की फेरी लगाने वाला व्यक्ति होने की बात कहता था।

वह कथित तौर पर घूम-घूमकर छोहाड़ा, मसाला और काजू बेचने का काम करता था। इसके अलावा मालगुजारी पर खेती करने की बात भी बताता था।

पुलिस को संदेह है कि इन गतिविधियों का इस्तेमाल उसकी वास्तविक गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता था। फिलहाल पुलिस बरामद हेरोइन, नकदी, गहनों और बैंक खातों की जांच के साथ कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। मामले में कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है और अन्य आरोपितों की भूमिका की पड़ताल जारी है।