विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भोजपुर में 59 पंचायत की 4.65 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित, 120 स्कूल बंद

Published: Sun, 06 Sep 2026 08:06 PM (IST)

भोजपुर जिले में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद 6 प्रखंडों की 4.65 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है।

घट रहा जलस्तर। (जागरण)

घट रहा जलस्तर। (जागरण)

HighLights

  1. भोजपुर में 4.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

  2. गंगा का जलस्तर घटा पर खतरा अभी बरकरार है।

  3. राहत के लिए 57 सामुदायिक रसोई और 250 नाव सक्रिय।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर रविवार को कम होने के बाद भी अभी तक राहत नहीं मिल रही है।

जिले के छह प्रखंडों के 59 पंचायत की 4.65 लाख से ज्यादा की आबादी बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। पांच प्रमुख सड़क मार्गों समेत 60 ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ने से आवागमन पूरी तरह बंद हो चुका है।

जिले के तीन दर्जन से ज्यादा गांव चारों तरफ से पानी से घिरे होने के कारण टापू बन चुके हैं। इस संकट के बीच राहत की एक खबर यह है कि गंगा नदी का पानी कम होने के साथ सोन नदी भी घट रही है।

जिले में लगभग एक पखवाड़े से गंगा नदी उफान पर है, इस कारण छह प्रखंड शाहपुर, बड़हरा, आरा, उदवंतनगर, कोईलवर, बिहियां के 59 पंचायत पूरी तरह प्रभावित है।

यहां की लगभग 4.65 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। इन सभी की मदद के लिए डीएम मनेश कुमार मीणा ने बताया कि लगभग ढाई सौ नाव का संचालन किया जाने के साथ 57 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं।

इन स्थानों पर 90000 से ज्यादा लोगों को अब तक भोजन कराया गया है। छह एसडीआरएफ की टीम बाढ़ पीड़ितों को मदद कर रही है, जिसमें गर्भवती महिलाएं, बच्चाें और रोगियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लगाया है कैंप

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 25 से ज्यादा स्वास्थ्य कैंप लगाए जाने के साथ पशुपालन विभाग के द्वारा 350 क्विंटल से ज्यादा पशुचारा की व्यवस्था की गई है।

10 हजार से ज्यादा पॉलिथीन का वितरण किया जा चुका है। दो तटबंधों की स्थिति खराब होने के कारण वहां पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

शनिवार को 120 स्कूलों का संचालन बंद किए जाने के साथ जिले में 407 आंगनबाड़ी केंद्र प्रभावित हैं। रविवार के दिन में गंगा नदी का जलस्तर सुबह से शाम के बीच 10 सेंटीमीटर घटते हुए 54.83 मीटर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद भी डेंजर लेवल से गंगा 1.75 मीटर ऊपर है।

गंगा का जलस्तर कम होने के साथ सोन नदी का पानी भी घट रहा है। यह बाढ़ पीड़ित और प्रशासन के लिए राहत की खबर है। इधर, शहर में आरा बक्सर पुरानी नेशनल हाईवे पर तीन फीट से ज्यादा पानी चढ़ने के कारण बांस बल्ला लगाकर आवागमन पथ निर्माण विभाग ने रोक दिया है।

यह भी पढ़ें- बिहार में बाढ़ का तांडव: गांधी घाट में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, पुनपुन का रिंग बांध ध्वस्त