भोजपुर में बाढ़ से 21 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद, पहले 23,702 हेक्टेयर का था अनुमान; अब ऐसे मिलेगा मुआवजा
भोजपुर जिले में गंगा नदी की बाढ़ से लगभग 21 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसल को नुकसान हुआ ...और पढ़ें

भोजपुर में खेत में जमा बाढ़ का पानी। जागरण
HighLights
भोजपुर में बाढ़ से 21 हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान।
कृषि विभाग ने फसल क्षति का सूक्ष्म सर्वेक्षण किया।
किसानों को डीबीटी कृषि पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
जागरण संवाददाता, आरा। गंगा नदी के उफान से भोजपुर जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से करीब 21 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसल को नुकसान हुआ है।
कृषि विभाग ने प्रखंड स्तर पर फसल क्षति का सूक्ष्म सर्वेक्षण कराने के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिला कृषि पदाधिकारी डाॅ. नीरज कुमार ने फसल क्षति से संबंधित रिपोर्ट जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा को सौंप दी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के निर्देशन में खेतों का बारीकी से सर्वे कराया गया। इसमें संबंधित खेतों के खाता और खेसरा नंबर के आधार पर फसल क्षति का आंकड़ा तैयार किया गया है।
कृषि विभाग ने सूक्ष्म सर्वे के बाद डीएम को सौंपी रिपोर्ट
इससे वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों की पहचान करने में मदद मिलेगी और मुआवजा वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी।
उन्होंने बताया कि बाढ़ के शुरुआती दौर में जिले में 23,702.7 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में फसल क्षति का अनुमान लगाया गया था।
सूक्ष्म सर्वेक्षण के बाद यह आंकड़ा घटकर करीब 21 हजार हेक्टेयर रह गया है। कई असिंचित क्षेत्रों में बाढ़ के पानी से फसल को नुकसान होने के बजाय खेतों को पानी मिलने से फायदा भी हुआ। ऐसे क्षेत्रों को क्षति के आंकड़े से अलग किया गया है।
डीबीटी कृषि पोर्टल पर करना होगा आवेदन
क्षतिग्रस्त फसल के मुआवजे के लिए किसानों को डीबीटी कृषि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन में किसान को फसल का नाम, खाता संख्या और खेसरा संख्या दर्ज करनी होगी।
विभागीय स्तर पर प्राप्त आवेदन का तैयार किए गए फसल क्षति डाटा से मिलान किया जाएगा। विवरण सही पाए जाने के बाद ही मुआवजा दिया जाएगा।
