Bihar Weather: अगस्त में अब तक सामान्य से 56% कम बारिश, बिहार के इस जिले में सूखे जैसे हालात
भोजपुर जिले में अगस्त में सामान्य से 56% कम बारिश हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बन गए हैं और ...और पढ़ें

अगस्त में अब तक सामान्य से 56% कम बारिश, बिहार के इस जिले में सूखे जैसे हालात
HighLights
अगस्त में भोजपुर में 56% कम बारिश दर्ज।
नहरों में पानी की कमी, खेतों में दरारें।
खरीफ फसलों पर सूखे का गंभीर खतरा।
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में मानसून की बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। अगस्त महीने में अब तक सामान्य से करीब 56 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं नहर में भी क्षमता के विरूद्ध 35 प्रतिशत पानी आ रहा है। धूप के कारण रोपा वाले खेतों में दरार पड़ गया है।
संदेश प्रखंड के चिल्लौस के किसान तेज प्रताप सिंह ने बताया कि किसान संकट में हैं। वर्षा नहीं हुई तो किसान भूखमरी के शिकार हो जाएंगे।
जिला कृषि विभाग की ओर से जारी वर्षापात रिपोर्ट के अनुसार, 13 अगस्त तक जिले में 47.94 मिलीमीटर वास्तविक वर्षापात दर्ज किया गया है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 108.57 मिलीमीटर होना चाहिए था। इस तरह बारिश में 55.84 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
इससे पहले जुलाई में भी जिले में मानसून कमजोर रहा। जुलाई महीने का सामान्य वर्षापात 334.60 मिलीमीटर है, जबकि पूरे महीने में केवल 157.54 मिलीमीटर बारिश हुई। जुलाई में सामान्य से 52.92 प्रतिशत कम बारिश हुई।
जून में भी स्थिति खराब रही थी। जून का सामान्य वर्षापात 108.70 मिलीमीटर के मुकाबले वास्तविक वर्षापात महज 41.44 मिलीमीटर रहा, जो सामान्य से 61.87 प्रतिशत कम है।
जिले में प्रखंडवार वर्षापात की स्थिति भी असमान रही है। अगस्त में कुछ प्रखंडों में बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की गई। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 13 अगस्त तक जिले का औसत वर्षापात 47.94 मिलीमीटर रहा है।
खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका
लगातार कम बारिश का असर धान समेत खरीफ फसलों पर पड़ने की आशंका है। हालांकि, सोन नहर से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन बारिश की कमी के कारण किसानों को सिंचाई पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. पीके द्विवेदी के अनुसार आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि मई में जिले में सामान्य से अधिक बारिश हुई थी। मई का सामान्य वर्षापात 18 मिलीमीटर के मुकाबले 49.17 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 173.17 प्रतिशत अधिक थी, लेकिन इसके बाद जून, जुलाई और अगस्त में बारिश की कमी ने खरीफ सीजन की स्थिति चुनौतीपूर्ण बना दी है।
