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आरा में रेलवे का फैसला, नई बाईपास लाइन के लिए टूटेगा जगदीशपुर ओवरब्रिज

Published: Mon, 08 Jun 2026 04:31 PM (IST)

भोजपुर जिले के आरा जंक्शन पर ट्रेनों का बढ़ता दबाव कम करने के लिए रेलवे नई बाईपास लाइन का निर्माण ...और पढ़ें

नई लाइन से मालगाड़ियों की आवाजाही तेज

नई लाइन से मालगाड़ियों की आवाजाही तेज 

जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। भोजपुर जिले के लोगों के लिए रेलवे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर है। आरा जंक्शन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए रेलवे नई बाईपास लाइन का निर्माण करने जा रहा है। इस परियोजना के तहत जीरो माइल स्थित जगदीशपुर वाला ओवरब्रिज हटाया जाएगा।

रेलवे सर्वे में सामने आई बाधा

रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित बाईपास लाइन के अलाइनमेंट में यह ओवरब्रिज बाधा बन रहा है।

इंजीनियरिंग सर्वे के बाद इसे हटाने का निर्णय लिया गया है ताकि निर्माण कार्य तय योजना के अनुसार पूरा किया जा सके।

आरा-जगदीशपुर मार्ग पर पड़ेगा असर

पुल तोड़े जाने के बाद आरा-जगदीशपुर सड़क मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है।

रोजाना आने-जाने वाले लोगों और भारी वाहनों को कुछ समय तक वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है।

जल्द जारी होगा डायवर्जन प्लान

रेलवे प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस मिलकर वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर रहे हैं।

निर्माण कार्य शुरू होने से पहले डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा ताकि लोगों को असुविधा कम हो।

जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ होगी कम

नई बाईपास लाइन बनने के बाद कई मालगाड़ियां और कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें आरा जंक्शन से होकर गुजरने के बजाय शहर के बाहर से संचालित की जा सकेंगी।

इससे प्लेटफॉर्म और ट्रैक पर दबाव कम होगा।

माल परिवहन को भी मिलेगा फायदा

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि नई लाइन से मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी।

इससे माल परिवहन व्यवस्था अधिक सुचारु बनेगी और परिचालन क्षमता में सुधार आएगा।

क्या खत्म हो जाएगी ट्रेनों की लेटलतीफी?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना बड़ी राहत जरूर देगी, लेकिन केवल बाईपास लाइन बनने से ट्रेनों की देरी पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।

सिग्नलिंग, ट्रैक क्षमता, रखरखाव और मौसम जैसी कई अन्य परिस्थितियां भी ट्रेन संचालन को प्रभावित करती हैं।

रेलवे विकास की दिशा में बड़ा कदम

फिर भी बाईपास लाइन परियोजना को आरा के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अहम माना जा रहा है।

इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं और अधिक व्यवस्थित परिचालन मिलने की उम्मीद है।