आरा में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हत्या की साजिश नाकाम, नूतन छात्रावास से सरपंच समेत 6 गिरफ्तार
पुलिस ने आरा के नूतन छात्रावास में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया है।

प्रेस वार्ता में जानकारी देते एसपी अवधेश दीक्षित। (जागरण)
HighLights
मूर्ति विसर्जन जुलूस में हत्या की साजिश का खुलासा।
नूतन छात्रावास से हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद।
सरपंच सहित छह आरोपी गिरफ्तार, आपराधिक इतिहास सामने।
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के आरा शहर में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान हत्या की साजिश रचे जाने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है।
नवादा थाना क्षेत्र के महाराजा कालेज के समीप स्थित नूतन छात्रावास में छापेमारी के दौरान एक देसी पिस्टल, दो मैगजीन और आठ कारतूस एवं रेलवे की दस चादरें समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं।
इस मामले में सरपंच समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपितों में बड़हरा थाना क्षेत्र के केशोपुर निवासी प्रद्युम्न कुमार सिंह, शाहपुर थाना क्षेत्र के गरेया गांव निवासी अभिजीत कुमार चौबे, आयर थाना क्षेत्र के बलिगांव निवासी मोहित कुमार सिंह, अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के अमेहता निवासी लवकुश तिवारी, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भदेया निवासी गोलू कुमार सिंह और बक्सर जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर निवासी धीरज कुमार राय शामिल हैं।
इनमें मोहित कुमार सिंह के सरपंच होने की बात बताई गई है। मामले में दंडाधिकारी गुड्डू कुमार सिंह के बयान पर नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छात्रावास को सील कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों में अधिकांश छात्र नहीं है। अवैध रूप से रहते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरा के करमन टोला इलाके में आपसी वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान एक युवक की हत्या करने की तैयारी थी।
इसकी सूचना मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर बुधवार की शाम एसडीपीओ सुशील कुमार और दंडाधिकारी गुड्डू कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। इसके बाद नूतन छात्रावास में छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया गया।
एसपी के अनुसार, बड़हरा थाना क्षेत्र के केशोपुर निवासी प्रद्युम्न कुमार सिंह ने वर्चस्व की लड़ाई में हत्या का षड्यंत्र रचा था। उसका पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके पास से अवैध पिस्टल और कारतूस की बरामदगी को पुलिस ने मामले में ठोस साक्ष्य बताया है।
छात्रावास के 40 कमरों की तलाशी, कमरा नंबर 30 से मिले संदिग्ध
प्राथमिकी के अनुसार, छात्रावास के निचले और दूसरे तल पर कुल 40 कमरे हैं। तलाशी के दौरान कमरा नंबर 30 में छह संदिग्ध मिले।
इस दौरान प्रद्युम्न कुमार की कमर से एक लोडेड देसी पिस्टल, मैगजीन और चार कारतूस बरामद किए गए। पिस्टल पर मेड इन यूएसए लिखा हुआ था। इसके अलावा गद्दे में छिपाकर रखी गई एक अन्य मैगजीन और अलग-अलग बोर के चार कारतूस भी मिले।
छापेमारी के दौरान रेलवे की चोरी की दस चादरें भी बरामद की गईं। उन पर भारतीय रेलवे का लेबल लगा हुआ था। कमरा नंबर 18 से ब्लूटूथ जैसा उपकरण बरामद किया गया।
जब्त चादरों को रेलवे सुरक्षा बल, आरा के थानाध्यक्ष दीपक कुमार की मौजूदगी में जब्त किया गया। पुलिस ने नौ मोबाइल, एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और लोहे के औजार समेत अन्य सामान भी जब्त किए हैं।
भू-माफिया और बाहुबली भी करते थे लड़कों का इस्तेमाल
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि छात्रावास से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। वहां शराबखोरी भी होती थी।
जिले के भू-माफिया और बाहुबली छात्रावास से आठ-दस लड़कों को अपने साथ ले जाकर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करते थे। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आने वाले दिनों में जिले के अन्य छात्रावासों और लाज की भी जांच कराएगी।
