आरा से धनबाद तक सीधी ट्रेन की उम्मीद, नेउरा-जटडुमरी रेलखंड के बाद दूसरी ट्रेन चलाने पर भी चर्चा
आरा से धनबाद के बीच सीधी इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की पुरानी मांग नेउरा-जटडुमरी रेलखंड खुलने के बाद तेज हो गई ...और पढ़ें

आरा से धनबाद के बीच चलाई जा सकती है इंटरसिटी। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, आरा। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आरा जंक्शन से धनबाद के बीच सीधी इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।
अब नेउरा-जटडुमरी नवनिर्मित रेलखंड खुलने के बाद इस मांग को पूरा करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। रेलवे के ECR मुख्यालय से लेकर दानापुर रेल मंडल के वरीय अधिकारियों के स्तर पर प्रयास किए जाने की बात सामने आ रही है।
अगले माह दो ट्रेनों के परिचालन की योजना पर भी चर्चा है। हालांकि, आरा-धनबाद इंटरसिटी के परिचालन को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
धनबाद की सीधी इंटरसिटी सेवा शुरू करने की मांग
धनबाद झारखंड का प्रमुख औद्योगिक और कोयला क्षेत्र है। यहां रोजगार, कारोबार, शिक्षा और अन्य कार्यों के सिलसिले में भोजपुर समेत पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लोगों का नियमित आना-जाना लगा रहता है।
फिलहाल सीधी रेल सुविधा नहीं होने से यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलकर यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और परेशानी दोनों बढ़ती हैं।
ऐसे में आरा से धनबाद के बीच सीधी इंटरसिटी सेवा शुरू होने पर यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। शाहाबाद क्षेत्र को धनबाद जुड़ाव की मांग वर्षों पुरानी है।
इस नवनिर्मित रेलखंड पर आरा जंक्शन से नेउरा-जटडुमरी - बिहारशरीफ-राजगीर - मानपुर बायपास (गया)- कोडरमा होते हुए धनबाद के लिए दैनिक इंटरसिटी सेवा शुरू करने की मांग की गई है।
आरा से परिचालन होने पर इंजन बदलने की समस्या नहीं
रेलखंड के नए विकल्प को देखते हुए आरा जंक्शन से ट्रेन चलाने की मांग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आरा से ट्रेन नेउरा होते हुए जटडुमरी की ओर आगे बढ़ सकती है।
इससे पटना या दानापुर से ट्रेन चलाने की स्थिति में नेउरा में इंजन बदलने की संभावित जरूरत से बचा जा सकता है। आरा से परिचालन होने पर ट्रेन को सीधे नए रेलखंड से जोड़ने की सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, इसके लिए रेलवे को मार्ग, तकनीकी व्यवस्था, समय-सारणी और परिचालन की व्यवहार्यता का आकलन करना होगा।
यात्रियों का मानना है कि आरा-धनबाद इंटरसिटी शुरू होने से भोजपुर और आसपास के जिलों के लोगों को औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को लाभ हो सकता है। अब जरूरत है कि रेलवे इस मांग पर ठोस निर्णय लेकर परिचालन की संभावनाओं को आगे बढ़ाए।
खाली रैक से रात में फास्ट मेमू चलाने का सुझाव
दूसरी ओर, आरा से बिहारशरीफ या शेखपुरा के बीच रात में फास्ट मेमू सेवा शुरू करने का सुझाव भी सामने आया है। यात्रियों के अनुसार, पटना-आरा मेमू ट्रेन संख्या 63213 के आरा पहुंचने के बाद उसके रैक का उपयोग रात के समय नहीं हो पाता है।
बताया जाता है कि इस रैक को रात में कुल्हड़िया में खड़ा रखा जाता है। ऐसे में रेलवे इस खाली समय का बेहतर उपयोग कर रेलवे नई सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर विचार कर सकता है।
यदि परिचालन संबंधी जांच में यह व्यवस्था उपयुक्त पाई जाती है, तो उसी रैक से रात में आरा से बिहारशरीफ या शेखपुरा के बीच फास्ट मेमू सेवा शुरू की जा सकती है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन का विकल्प मिलेगा और नए रैक की व्यवस्था करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
आरा जंक्शन व नेउरा होते हुए दो ट्रेनों की चलाने की सहमति बनाई जा रही है जिसमें हाजीपुर रेलवे जोन के वरीय अधिकारी से लेकर दानापुर रेल मंडल में भी मंथन चल रहा है यह समय आने पर जानकारी दे दी जाएगी।
वीरेंद्र कुमार, एडीआरएम दानापुर रेल मंडल।
