सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई आरा कस्टम अफसर हत्याकांड की पटकथा, कॉलेज गेट पर रेकी के बाद शूटआउट
आरा में सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले हैं, जिसमें तीन संदिग्ध बाइक ...और पढ़ें

रामकुमार सिंह हत्याकांड के सीसीटीवी फुटेज
HighLights
सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर तीन संदिग्ध दिखे।
भूमि विवाद के एंगल पर पुलिस की जांच जारी।
दो संदिग्ध हिरासत में, एसटीएफ भी जांच में जुटी।
जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज से कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को तीन से चार स्थानों के कैमरों में एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध दिखाई दिए हैं।
फुटेज में एक संदिग्ध गमछे से चेहरा ढके हुए था, जबकि पीछे बैठे दो अन्य हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं। पुलिस संदिग्धों की कद-काठी और हुलिया के आधार पर पहचान करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, दो संदिग्धों की पहचान किए जाने की भी सूचना है।
कतीरा मोड़ से जैन कॉलेज गेट तक दिखे संदिग्ध
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, संदिग्धों को घटना से पहले कतीरा मोड़ और फिर जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास देखा गया था। गुरुवार की सुबह करीब 5:30 बजे तीनों वहां पहुंच गए थे।
पुलिस को आशंका है कि वे रामकुमार सिंह के घर से निकलने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद सुबह करीब छह बजे वारदात को अंजाम दिया गया।
बेटे के साथ घर से निकलते ही बरसा दीं गोलियां
रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह अपने बड़े पुत्र राजेश के साथ घर का मुख्य गेट खोलकर टहलने जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
आठ गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि वारदात के समय उनका बड़ा बेटा घर से निकलकर गैरेज के पास खड़ी कार में बैठा था। अचानक हुई गोलीबारी के कारण उसे संभलने का मौका नहीं मिला।
महाराजा हाता होकर शहर से बाहर भागे शूटर
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों संदिग्ध महाराजा हाता होते हुए श्रीराम मोटर गली के रास्ते शहर से बाहर फरार हो गए। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर जुटे, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे।
पुलिस अब अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर संदिग्धों के आने-जाने के रास्ते और उनकी गतिविधियों का मिलान कर रही है।
दो संदिग्ध हिरासत में, एसटीएफ भी जांच में जुटी
हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पहले मनोज सिंह लक्की को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद गुरुवार को चंदन सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली। हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआइटी, डीआइयू और पटना एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। पुलिस की एक टीम राज्य से बाहर भी छापेमारी कर रही है।
भूमि विवाद के बिंदु पर पुलिस कर रही जांच
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित के अनुसार, अब तक की जांच में भूमि विवाद से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। पुलिस पुराने घटनाक्रमों की भी पड़ताल कर रही है।
सिगही में फोरलेन के समीप जमीन की चहारदीवारी जेसीबी से तोड़े जाने के मामले को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन से जुड़े पुराने विवाद का हत्याकांड से कोई संबंध है या नहीं।
जेल में बंद अपराधियों से कनेक्शन की भी जांच
हत्याकांड में जेल में बंद कुख्यात अपराधियों से संभावित संपर्क और सुपारी देकर हत्या कराए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस इस पहलू समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को आशंका है कि हमलावरों ने रामकुमार सिंह की सुबह की दिनचर्या पर नजर रखी होगी।
कनकपुरी स्थित आवास से रमना मैदान में टहलने जाने की जानकारी के आधार पर सुबह का समय चुने जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की साजिश का पता लगाने में जुटी है।
