बच नहीं पाएंगे अपराधी; आरा में क्राइम कंट्रोल के लिए की जा रही खास व्यवस्था, पुलिस कप्तान ने बताया, क्या हो रहा इंतजाम?
आरा में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने नई व्यवस्था शुरू की है। शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पुलिस गश्ती को तेज किया गया है। पुलिस कप्तान ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। तकनीकी निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।

आरा का जीरोमाइल जहां लगेगा सीसीटीवी कैमरा और एसपी राज। जागरण
दीपक, आरा। Bhojpur News: अब अपराधियों की खैर नहीं रहेगी। शहर की तर्ज पर अब आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
इसके लिए नगर निगम, नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के थानों द्वारा अपराध के ब्लैक स्पाट चिह्नित किए गए हैं, जहां कैमरे लगाए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 70 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई है।
कोईलवर से लेकर आरा शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों तक निगरानी होगी मजबूत
बता दें कि इससे पहले आरा नगर निगम क्षेत्र के लिए 350 अत्याधुनिक कैमरों की खरीद की गई थी, जिनसे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में काफी मदद मिली है।
इधर, एसपी राज ने ‘दैनिक जागरण’ को बताया कि कैमरे लगाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।
टेंडर भी हो चुका है। जिला मुख्यालय के अलावा जिन स्थानों पर कैमरों की जरूरत है उनमें, कोईलवर का मनभावन चौक, कायमनगर, सकड्डी, गीधा और उदवंतनगर का जीरो माइल प्रमुख हैं।
पिछले साल भी हुई थी बड़ी खरीदारी
पिछले वर्ष जून-जुलाई में दो चरणों में आरा शहर में 350 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। अपराध पर रोकथाम और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना के तहत उच्च क्षमता वाले कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
एसपी कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष भी संचालित हो रहा है। ये कैमरे 30 मीटर की दूरी को एक मीटर तक जूम करने की क्षमता रखते हैं।
कैमरे से अपराध की गुत्थी सुलझाने में सहायता
आज के समय में सीसीटीवी कैमरे अपराध नियंत्रण का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। विभिन्न मामलों में पुलिस ने कैमरों की फुटेज की मदद से कई बड़ी गुत्थियां सुलझाई हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरों की कमी पुलिस के लिए चुनौती बन रही थी, जिसे अब दूर किया जा रहा है।
कोईलवर में बनेगा अलग नियंत्रण कक्ष
कोईलवर क्षेत्र पटना और सारण जिले से आने वाली सड़कों का प्रमुख जंक्शन है। यह इलाका अपराध और अवैध बालू तस्करी के लिए भी बदनाम रहा है।
इसी कारण कोईलवर में प्राथमिकता के आधार पर न केवल कैमरे लगाए जाएंगे, बल्कि थाने में अलग से नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। यहां से पूरे क्षेत्र की 24×7 मानिटरिंग होगी।
नए स्थानों पर कैमरे लगाए जाने से अपराध नियंत्रण, अवैध परिवहन और खासकर अवैध बालू ढुलाई पर काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिलेगी।
राज, एसपी, भोजपुर

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