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आरा में नितिन की हत्या से पहले 17 हजार की ठगी, आरपीएफ जवान बनकर रची साजिश

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:00 PM (IST)

आरा में वैशाली के युवक नितिन कुमार की हत्या से पहले उसके परिवार से 17 हजार रुपये की ठगी की ...और पढ़ें

नितिन कुमार(फाइल फोटो)

नितिन कुमार(फाइल फोटो)

HighLights

  1. नितिन की हत्या से पहले परिवार से 17 हजार रुपये की ठगी।

  2. साइको किलर रोहित ने आरपीएफ जवान बनकर जुर्माना मांगा।

  3. नितिन का शव आरा-जगजीवन हाल्ट के बीच रेलवे पटरी पर मिला।

जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। दानापुर-डीडीयू रेलखंड पर आरा और जगजीवन हाल्ट के बीच रेलवे पटरी से मिले वैशाली के युवक नितिन कुमार की मौत के मामले में ठगी का नया एंगल सामने आया है। आरोप है कि साइको किलर रोहित ने आरपीएफ जवान बनकर नितिन के स्वजन को फोन किया था।

उसने नितिन को सिगरेट पीते हुए पकड़े जाने की बात कहकर छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये जुर्माना मांगा था।

पहले पांच हजार, फिर 12 हजार रुपये कराए ट्रांसफर

स्वजन को बताए गए यूपीआई खाते में पहले पांच हजार रुपये भेजे गए। इसके बाद भी नितिन को नहीं छोड़ा गया। फोन करने वाले ने खुद को नितिन का परिचित बताते हुए कुछ और रुपये भेजने को कहा।

इसके बाद 21 सितंबर को स्वजन ने उसी यूपीआई खाते में 12 हजार रुपये और भेज दिए। इस तरह दो बार में कुल 17 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए।

हैदराबाद से घर लौट रहा था नितिन

पंचायत के मुखिया बिपिन बिहारी राय के अनुसार, वैशाली जिले के महीसौर थाना क्षेत्र के चांद सराय गांव निवासी मुकेश राय का 21 वर्षीय पुत्र नितिन हैदराबाद में एक निजी कंपनी में वेल्डिंग का काम करता था।

19 सितंबर को वह ट्रेन से दानापुर के लिए रवाना हुआ था। 20 सितंबर की रात करीब 10 बजे उसने हैदराबाद में रह रहे ममेरे भाई को फोन कर बक्सर पहुंचने की जानकारी दी थी।

रात 10:12 बजे नितिन के मोबाइल से आया दूसरा फोन

इसके कुछ ही देर बाद रात करीब 10:12 बजे नितिन के मोबाइल से ममेरे भाई के पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को आरपीएफ का जवान बताया और कहा कि नितिन को सिगरेट पीते हुए पकड़ा गया है।

उसे छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये जुर्माना देने की बात कही गई। इसके बाद स्वजन ने बताए गए रवि रंजन सिंह के यूपीआई खाते में पांच हजार रुपये भेजे।

पैसे लेने के बाद भी नहीं मिली नितिन की जानकारी

पहली रकम भेजने के बाद भी नितिन को नहीं छोड़ा गया। दोबारा संपर्क करने पर और रुपये भेजने का दबाव बनाया गया। इसके बाद स्वजन ने 12 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए।

कुल 17 हजार रुपये भेजे जाने के बाद भी नितिन सुरक्षित घर नहीं पहुंचा। इसी बीच आरा और जगजीवन हाल्ट के बीच रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला।

रेलवे ट्रैक पर शव मिलने से गहराया मामला

पुलिस की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, नितिन के हाथ और चेहरा कपड़े से बंधे होने तथा ट्रेन आने के समय उसे रेलवे पटरी पर छोड़े जाने की प्रथमदृष्टया बात सामने आई है।

ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई। पुलिस अब ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए यूपीआई खाते और आरोपित से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

स्वजन ने अपहरण के बाद हत्या का लगाया आरोप

मृतक के स्वजन और पंचायत के मुखिया बिपिन बिहारी राय ने नितिन के अपहरण के बाद हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंके जाने का आरोप लगाया है।

मामले में पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। गिरफ्तार रोहित से पूछताछ के जरिए घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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