भागलपुर। राज्य सरकार ने युवा वर्ग के उत्थान के लिए बेशक नई योजना की शुरुआत की है, लेकिन भागलपुर के युवा इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। महिलाएं भी उदासीन बनी हुई हैं। यही कारण है कि लक्ष्य के अनुरूप आवेदन नहीं आए हैं।

राज्य में महिलाओं और युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत नए उद्यम (उद्योग) लगाने वालों को सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। भागलपुर में युवा और महिलाएं उद्यमी बनने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। आंकड़े उक्त तथ्यों की पुष्टि करते हैं। जिले में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत 60 लोगों को ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन इस योजना के तहत अब तक मात्र 32 लोगों ने ही आनलाइन आवेदन किया है। इसी प्रकार युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना का लक्ष्य 57 है। इस योजना का लाभ लेने के लिए अब तक मात्र 37 युवाओं ने आवेदन दिया है। महिला और युवाओं की उदासीनता ने विभाग की परेशानी बढ़ा दी है।

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एससी-एसटी और पिछड़ा वर्ग में आए पर्याप्त आवेदन

उद्यमी बनने में जहां महिला और युवाओं में उदासीनता दिखती है। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोगों में जागरुकता दिखती है। एससी एसटी वर्ग का लक्ष्य 54 और ईबीसी का 39 है। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने कहा कि एससी, एसटी और ईबीसी वर्ग में पर्याप्त आवेदन विभाग को मिले हैं।

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क्या है योजना

राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री महिला और युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत नया उद्यम लगाने के लिए लाभुकों को दस लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है, जिसमें पांच लाख रुपये ऋण और पांच लाख रुपये अनुदान दिया जाता है। ऋण पर भी महज एक फीसदी ब्याज लगता है।

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कोट महिला और युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए सरकार ने नई योजना की शुरुआत की गई है। अधिक से अधिक महिलाएं और युवाओं को उद्यम शुरू करने के लिए इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।

रामशरण राम, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र भागलपुर

Edited By: Jagran