भागलपुर। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं ये प्रमुख जांच बंद किए जाने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में मरीजों को निजी सेंटर में शुल्क देकर अल्ट्रासाउंड और एक्सरे करवाना पड़ रहा है।

जिले में प्रतिदिन तकरीबन चार सौ मरीजों का एक्सरे किया जाता था, लेकिन पिछले तीन दिनों से बंद है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने 25 अप्रैल को सिविल सर्जन को अल्ट्रासाउंड और एक्सरे बंद करने का निर्देश दिया था। दिए पत्र में यह निर्देश दिया गया है कि जबतक नई एजेंसी को स्वीकृति नहीं दी जाती है तबतक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मरीजों का एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था करें। लेकिन अभी तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नीति निर्धारण नहीं किया है, उसकी प्रतीक्षा है।

अल्ट्रासाउंड केवल लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में किया जाता है जो तीन माह से बंद है। प्रतिदिन 10 से ज्यादा अल्ट्रासाउंड किए जाते थे। वहीं जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 20 से ज्यादा मरीजों का एक्सरे किया जाता है। अब मरीजों को परेशानी होने लगी है। स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी मरीजों को निजी सेंटर में एक्सरे करवाने के लिए भेजते हैं जहां मरीजों को शुल्क देना पड़ता है।

Posted By: Jagran

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