भागलपुर [रजनीश]। ग्लोकल हॉस्पिटल का हंगामा और विवादों से पुराना संबंध रहा है। यहां इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी ग्लोकल हॉस्पिटल में बवाल की घटनाएं हो चुकी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोशन चंद्र दास की पत्नी रुचि रोशन के साथ कंपाउंडर ज्योति ने जो हरकत की है, उससे मानवता पूरी तरह शर्मसार हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य महकमा से लेकर पूरे शहर में खलबली मची हुई है। शहर के हर बुद्धिजीवी ग्लोकल हॉस्पिटल की व्यवस्था पर अंगुली उठा रहे हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पत्नी के साथ हुई अश्लील हरकत से सवाल उठने लगा है कि ज्योति और अखिलेश  की शक्ल में निजी नर्सिंग होम में हैवान सक्रिय हैं।  मृतक की पत्नी रुचि रोशन बुधवार को इस मामले को लेकर ऑनलाइन केस दर्ज करेगी। इसमें ग्लोकल से लेकर राजेश्वर हॉस्पिटल के स्वास्थ्य कर्मियों को आरोपित भी बनाएंगी।

मामला बढ़ता देख ग्लोकल ने ज्योति को हटाया

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने आखरी सांस पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में ली। पत्नी रुचि रोशन मीडिया के सामने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। ग्लोकल हॉस्पिटल में देर रात एसएसपी सहित तीन सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। मामला बढ़ता देख ग्लोकल प्रबंधन ने आरोपित कंपाउंडर ज्योति कुमार को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

लौट रहा था ऑक्सीजन लेवल, राजेश्वर की व्यवस्था ने ली जान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, पत्नी बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाना चाह रही थी, लेकिन दिल्ली  के अस्पतालों में जगह नहीं मिली तो पटना के राजेश्वर में भर्ती कराया। महिला ने कहा कि पति आइसीयू में थे, मुझे अंदर जाने से रोक दिया गया। रौशन का ऑक्सीजन लेवल जब 37 हो गया तो जीजा जी को फोन किए किसी तरह आइसीयू में गए। पति को हौसला दिए ऑक्सीजन लेवल बढ़ाकर 74 कर दिया। हालत में पहले से काफी सुधार हो रही थी। ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से पति ने दम तोड़ दिया। ऑक्सीजन के लिए सभी से गुहार लगतीं रहीं, बिलखती रही। लेकिन किसी ने एक नहीं सुना। इस बीच सॉफ्ट इंजीनियर दुनिया छोड़कर चले गए।

इंटरनेट मीडिया पर छाया रहा मामला

यह घटना पूरे दिन इंटरनेट मीडिया पर छाया रहा।  दैनिक जागरण अखबार में प्रकाशित खबर को लोग टैग कर पीड़िता को न्याय और ग्लोकल और राजेश्वर हॉस्पिटल पर उचित कार्रवाई करने का कमेंट लोग लिखते रहे। इंटरनेट मीडिया पर पीड़ित रूचि रोशन के साथ लोग दिखे।

बेड से दवा और ऑक्सीजन तक की कालाबाजारी

शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों को लूटा जा रहा है। कुछ दिन पूर्व पल्स हॉस्पिटल के कर्मियों ने मरीज की मौत के बाद उसके नाम से रेडीसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी की थी। दोनों की गिरफ्तारी भी हुई। वही, भीखनपुर की एक महिला चिकित्सक पर भी इंजेक्शन की कालाबाजारी में केस हुआ है। बड़ी आपदा के समय पीड़ितों की सहायता करें न कि उनकी विवशता का अनुचित लाभ उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। निजी अस्पताल संचालकों का अमानवीय चेहरा भी सामने आ रहा है। प्रशासन को इस मामले में संज्ञान लेने की जरूरत है। इन लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। शहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कालाबाजारी खूब हो रही है। कोरोना दवाइयों और उपकरणों के एवज में मनमानी राशि वसूली जा रही है। दो दिनों तक दवा दुकानों छापेमारी भी की गई। इसके बाद भी दवा और सर्जिकल उपकरणों की कलाबाजरी हो रही है।

ग्लोकल हॉस्पिटल में मामले की जानकारी मिली है। इस मामले को स्वास्थ विभाग गंभीरता से लिया है। इस मामले में दोषियों पर हर हाल में उचित कार्रवाई की जाएगी।-  डॉ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन

यह भी पढ़ें

बिहारः संक्रमित पति को बचाने के लिए अस्पताल में छेड़खानी सहती रही पत्नी, मौत के बाद बयां की दर्द भरी दास्तां

Bihar:  मेरा बाबू बीमारी से नहीं मरा, अस्‍पताल प्रबंधन ने ली है जान, छेड़खानी की शिकार पत्‍नी रूचि की रूला देगी कहानी

ग्लोकल हॉस्पिटल भागलपुर : विधायक अजीत शर्मा ने सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र, बोले-कठोर कार्रवाई हो

ग्लोकल अस्पताल पर हुई बड़ी कार्रवाई,जांच कमेटी गठित, छापेमारी हुई, कंपाउंड गिरफ्तार

ग्लोकल हॉस्पिटल: 12 दिनों में ज्योति छेड़छाड़ का रोज निकालता था मौका, क्या सचमुच नहीं थी प्रबंधन को जानकारी