भागलपुर [जेएनएन]। आठवीं सदी में तब के अभियंताओं ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय का मॉडल बनाया था। उसी तर्ज पर आज के अभियंता भागलपुर जंक्शन पर विवि का जीवंत दर्शन कराएंगे। नए भवन की दीवारों पर विवि से जुड़ी यादों से भी यात्री रूबरू होंगे। विज्ञान, कला संस्कृति क्षेत्र में दुनिया के सबसे पुरानी सभ्यता का प्रतिक दर्शाया जाएगा। मालदा रेल मंडल की ओर से इसके निर्माण की जिम्मेदारी कोलकाता की बड़ी कंपनी दिया जाएगा। रेलवे ने इसकी तैयारी कर ली है। निर्माण का काम जल्द ही शुरू होगा। 2020 तक निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।

तीन महीने लगा नक्शा फाइनल करने में

स्टेशन भवन की बाहरी संरचना पहले दिल्ली, मुंबई स्टेशनों की तरह करने की बात चली। आर्किटेक्ट की टीम नक्शा तैयार करने में जुट गई थी। बाद में फिर रेलवे ने अपनी पुरानी धरोहर विक्रमशिला विवि की तरह करने पर मुहर लगाई।

विवि की तरह परिसर में होगा गार्डन

जंक्शन भवन की तस्वीर बदलने के बाद परिसर का भी लुक बदला जाएगा। विवि परिसर की तरह यहां भी हरित वाटिका रहेगा। गार्डन, फव्वारा लगाए जाएंगे। छायेदार वृक्ष लगेंगे।

नीतीश ने विक्रमशिला एक्सप्रेस का रैक किया था अलग

विवि के नाम पर ही भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चल रही विक्रमशिला सुपरफास्ट एक्सप्रेस का परिचालन 37 वर्ष पहले शुरू हुआ था। 1998 तक यह ट्रेन पटना से मगध एक्सप्रेस के साथ जुड़कर चलती थी। 1999 में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने मगध से अलग कर दिया। तब से यह ट्रेन अपने नाम पर चल रही है।

मालदा के प्रभारी डीआरएम पीके मिश्रा ने कहा कि जंक्शन का लुक विक्रमशिला विवि की तरह होगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दिया गया है। इसी साल से नए भवन का निर्माण शुरू होगा।

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