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विक्रमशिला सेतु मरम्मत कार्य 15 दिन टला: CM की घोषणा के बाद पथ निर्माण की बैठक स्थगित; नई तिथि पर सस्पेंस बरकरार

Published: Mon, 24 Aug 2026 11:28 PM (IST)

गंगा नदी में उफान और जिले में गहराते बाढ़ के संकट के कारण विक्रमशिला सेतु का मरम्मत कार्य 15 दिनों ...और पढ़ें

गंगा में बाढ़ के संकट को देखते हुए 29 अगस्त से शुरू होने वाला बेली ब्रिज हटाने का कार्य रुका

गंगा में बाढ़ के संकट को देखते हुए 29 अगस्त से शुरू होने वाला बेली ब्रिज हटाने का कार्य रुका

जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा नदी के उफान और जिले में गहराते बाढ़ के संकट को ध्यान में रखते हुए विक्रमशिला सेतु पर 29 अगस्त से प्रस्तावित बेली ब्रिज हटाने और सुपर स्ट्रक्चर के पुनर्स्थापन (मरम्मत) कार्य को 15 दिनों के लिए टाल दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राहत कार्य और जनसुविधाओं के मद्देनजर मरम्मत कार्य स्थगित करने की घोषणा के बाद प्रशासनिक हलकों में मंथन शुरू हो गया है।

हालांकि, कार्य टलने के बाद नई तिथि तय करने को लेकर सोमवार को बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक स्थगित होने के कारण अब तक सेतु निर्माण और मरम्मत शुरू करने की अगली तारीख पर संशय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के उपरांत पथ निर्माण विभाग (RCD) के सचिव और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक अहम समीक्षा बैठक होनी थी। इस बैठक में जमीनी स्थिति का आकलन कर कार्य शुरू करने की नई रूपरेखा, ट्रैफिक डायवर्जन की संभावित तिथि और चरणबद्ध निर्माण कार्य का नया शेड्यूल तय किया जाना था। लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक टल जाने की वजह से पुल निर्माण निगम की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या नई तारीख जारी नहीं की जा सकी है।

उच्चाधिकारियों ने साधी चुप्पी, निर्माण सामग्री की आपूर्ति थमी

इस संबंध में जब पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार, प्रबंध निदेशक (MD) जितेंद्र कुमार और खगड़िया प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से वस्तुस्थिति जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। शीर्ष स्तर पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण निर्माण से जुड़ी कार्यकारी एजेंसियों के सामने भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

कार्य स्थगन की घोषणा से पूर्व विक्रमशिला सेतु के जर्जर गर्डर को बदलने के लिए पंचकूला और मेरठ से विशेष कंक्रीट बीम व स्टील गर्डर की खेप भागलपुर पहुंचने लगी थी। लेकिन अब कार्य की नई समय-सीमा तय न होने के कारण भारी-भरकम निर्माण सामग्रियों और उपकरणों के भागलपुर आने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि जब तक कार्य की अगली तिथि का निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक सामग्रियों का ट्रांसपोर्टेशन रोककर रखा जाए।

बाढ़ के बीच लाखों लोगों को बड़ी राहत]

विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली लाइफलाइन है। यदि 29 अगस्त से बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू होता, तो सेतु पर भारी वाहनों के साथ-साथ सामान्य आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता। वर्तमान में जब कोसी और सीमांचल समेत भागलपुर के दियारा क्षेत्र बाढ़ के पानी से घिरे हैं, ऐसे समय में सेतु का बंद होना राहत-बचाव कार्यों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता था।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से मरम्मत कार्य 15 दिन टलने से सीमांचल, कोसी, नवगछिया और भागलपुर के लाखों दैनिक यात्रियों, एंबुलेंस सेवाओं व फल-सब्जी के कारोबारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। अब सभी की निगाहें पुल निर्माण निगम की अगली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद मरम्मत की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।