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भागलपुर में 90 दिनों के लिए बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु, बनेगा नया स्टील ट्रस ब्रिज, 12 जहाजों से मुफ्त में करें यात्रा

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:15 AM (IST)

Vikramshila Setu Bhagalpur Traffic Block: भागलपुर का विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए मरम्मत के कारण बंद ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Bhagalpur Traffic Block: 1 अक्टूबर से 3 माह बंद रहेगा पुल।

Vikramshila Setu Bhagalpur Traffic Block: 1 अक्टूबर से 3 माह बंद रहेगा पुल।

HighLights

  1. सेतु 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए मरम्मत हेतु बंद रहेगा।

  2. क्षतिग्रस्त पाया संख्या 133 पर नया स्टील ट्रस ब्रिज बनेगा।

  3. यात्रियों के लिए गंगा में 12 निःशुल्क जहाज 24 घंटे चलेंगे।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Bhagalpur Traffic Block: भागलपुर और समूचे सीमांचल व कोसी क्षेत्र के बीच जीवन रेखा माने जाने वाले ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर आगामी 1 अक्टूबर से वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। गंगा नदी पर बने इस महत्वपूर्ण पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अब स्थायी समाधान के तौर पर आधुनिक स्टील ट्रस ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।

इसके चलते सेतु आगामी तीन महीनों तक सभी प्रकार के यातायात के लिए बंद रहेगा। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में इसकी आधिकारिक पुष्टि की।

विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुल को बंद कर दीर्घकालिक सुदृढ़ीकरण कार्य कराने का निर्णय सरकार पहले ही ले चुकी थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व में ही इसकी घोषणा की थी, लेकिन मानसून के दौरान गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के हालात के कारण निर्माण कार्य को स्थगित करना पड़ा था। अब जलस्तर घटने और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद 1 अक्टूबर से कार्य को गति दी जा रही है।

24 घंटे चलेंगे 12 बड़े जहाज, यात्रियों से नहीं लगेगा किराया

पुल बंद होने के दौरान दैनिक यात्रियों और आम जनजीवन को होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए सरकार ने पुख्ता वैकल्पिक जल परिवहन व्यवस्था तैयार की है। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बताया कि आम नागरिकों को गंगा आर-पार करने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए जल संसाधन और परिवहन विभाग के समन्वय से 12 बड़े जहाजों (वेसल्स) का बेड़ा उतारा जा रहा है।

ये सभी जहाज चौबीसों घंटे गंगा के दोनों छोरों के बीच लगातार सेवाएं देंगे। सबसे अहम बात यह है कि इस अंतरिम अवधि में यात्रियों को इन जहाजों पर सफर करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा; यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी।

नए स्वरूप में दिखेगा पुल, बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प

पथ निर्माण मंत्री ने भरोसा दिलाया कि तीन महीने के निर्माण चक्र के बाद विक्रमशिला सेतु नए और सुदृढ़ स्वरूप में जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद सेतु का बुनियादी ढांचा काफी उन्नत दिखेगा।

विक्रमशिला सेतु: निर्माण कार्य व वैकल्पिक इंतजाम

  • कार्य की अवधि: 1 अक्टूबर से आगामी 3 महीने (लगभग 90 दिन) तक।

  • मुख्य निर्माण: पाया संख्या 133 के क्षतिग्रस्त हिस्से पर परमानेंट स्टील ट्रस ब्रिज की स्थापना, नई सड़क और एक्सपेंशन जॉइंट्स की मरम्मत।

  • वैकल्पिक जल परिवहन: 12 बड़े वेसल्स (जहाज) दिन-रात लगातार चलेंगे (पूरी तरह निःशुल्क)।

  • कनेक्टिविटी प्रभाव: भागलपुर से नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज समेत समूचे सीमांचल का सीधा सड़क संपर्क।

  • पिछला घटनाक्रम: 3 मई को एक्सपेंशन जॉइंट धंसने से एक स्लैब गंगा में गिर गया था, जिसके बाद बेली ब्रिज बनाया गया था।

पुल पर मजबूत व मानक रेलिंग लगाई जाएगी, सड़क की ऊपरी सतह को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, सभी एक्सपेंशन जॉइंट्स को दुरुस्त किया जाएगा और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भविष्य में यातायात पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रह सके।

3 मई को गंगा में समाया था पाया संख्या 133 का स्लैब

गौरतलब है कि भागलपुर को नवगछिया (एनएच-31) से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर बीते 3 मई को अचानक उस समय संकट खड़ा हो गया था, जब पाया संख्या 133 के समीप का एक्सपेंशन जॉइंट धंस गया और दो खंभों के बीच का कंक्रीट स्लैब सीधे गंगा नदी में गिर गया।

हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों समेत सभी तरह के परिचालन पर रोक लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया था। बाद में कनेक्टिविटी को फौरी तौर पर बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मदद से तीन बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हुआ, जिसमें से एक को चालू भी किया गया था। हालांकि, भारी ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए सरकार ने अब बेली ब्रिज के स्थान पर परमानेंट स्टील ट्रस ब्रिज बनाने का फैसला किया है, जो इस समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा।